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कार खरीदना होगा और भी सुरक्षित; BNCAP 2.0 और 5 नए क्रैश टेस्ट होंगे लागू, अब ऐसे तय होगी 5-स्टार रेटिंग

Published: Sat, 24 Oct 2026 10:58 AM (IST)

BNCAP 2.0 Crash Test: केंद्र सरकार ने अक्टूबर 2027 से चरणबद्ध तरीके से लागू होने वाले नए कार सुरक्षा नियमों ...और पढ़ें

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ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। इस महीने केंद्र सरकार ने कार सुरक्षा के लिए कड़े नियम नोटाफॉई किए हैं जिसे भारत में बिकने वाली हर नई कार को पूरा करना होगा। इन्हें अक्टूबर 2027 से 2032 के बीच चरणों में लागू किया जाएगा। इन नियमों में यह देखा जाएगा कि कार के अंदर बैठे लोगों का आगे, साइड और पीछे की टक्कर में क्या हाल होता है और साथ ही इसमें यह टेस्ट भी शामिल है कि कार से टक्कर लगने पर पैदल चलने वाले शख्स पर क्या असर पड़ता है। ये कानूनी नियम हैं और यह एक थ्रेशहोल्ड है जिसे मार्केट में बेचे जाने से पहले हर कार को पूरा करना ही होगा।

BNCAP और नए नियम

सरकार Bharat NCAP नाम से एक प्रोग्राम चलाती है जो कारों को सुरक्षा के मुताबिक 1 से 5 स्टार रेटिंग देता है। इसके साथ ही, अक्टूबर 2027 से ज्यादा सख्त नियमों वाल BNCAP 2.0 शुरू होने जा रहा है। इन नए नियमों और भारत NCAP 2.0 को लाने का मकसद देश की रोड सेफ्टी को बेहतर बनाना।

सड़क हादसों के आंकड़े

सड़क परिवहन मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, साल 2023 में देश भर में कुल 4,80,583 सड़क हादसे हुए जिसमें 1,72,890 लोगों की मौत हो गई। मरने वालों में 44.8% लोग टू-व्हीलर जैसे बाइक या स्कूटर चलाने वाले थे और 20.4% पैदल चलने वाले लोग थे। इसका मतलब यह है कि सड़क हादसों में जान गंवाने वाले हर तीन लोगों में से करीब दो लोग कार के बाहर थे।

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टाइप अप्रूवल प्रोसेस

भारत में कोई भी नई कार बिक्री के लिए आने से पहले निर्माता कंपनी को यह साबित करना होता है कि वह सेंट्रल मोटर एक्ट नियमों के तहत किए गए क्रैश टेस्ट और सेफ्टी स्टैंडर्ड्स को पूरा करती है। इन अनिवार्य प्रोसेस को टाइप अप्रूवल कहा जाता है। सड़क परिवहन मंत्रालय द्वारा लोकसभा में दी गई जानकारी के मुताबिक, अक्टूबर 2019 से सभी कार मॉडलों के लिए दो मुख्य क्रैश टेस्ट अनिवार्य कर दिए गए हैं।

फ्रंटल टेस्ट में भारत UN के नियमों का पालन करता है जिसमें कार को 56kmph की स्पीड से एक बैरियर से टकराया जाता है।

फ्रंटल और साइड क्रैश

कार के केवल एक हिस्से पर असर पड़ने वाली टक्कर और साइड से होने वाली टक्कर में अंदर बैठे लोगों की सुरक्षा के लिए रिवाइज्ड स्टैंडर्ड लागू किए गए हैं। ये नए मॉडल पर अक्टूबर 2027 से और सभी मॉडलों पर अक्टूबर 2028 से लागू होंगे। भारत का संशोधित फ्रंटल मानक UN के नए नियमों पर आधारित है। यह टेस्ट रीस्ट्रेंट सिस्टम पर ध्यान केंद्रित करता है। इसके लिए एक रिवाइज्ड स्टैंडर्ड नए मॉडलों पर अक्टूबर 2029 से और सभी मॉडलों पर अक्टूबर 2031 से लागू होगा।

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पैदल वालों की सेफ्टी

पैदल यात्रियों और सड़क पर चलने वाले बाकी लोगों की सुरक्षा के लिए एक रिवाइज्ड स्टैंडर्ड अक्टूबर 2028 से नए मॉडलों पर लागू होगा। अक्टूबर 2032 से इन परीक्षणों में फ्लेक्सिबल पेडेस्ट्रियन लेग इंपेक्टर (FlexPLI) का इस्तेमाल करना अनिवार्य होगा जो एक एक ऐसा टेस्टिंग इक्विपमेंट है जो यह मापता है कि कार के अगले हिस्से से टक्कर लगने पर पैदल वालों के पैर में कितनी चोट आएगी।

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रियर क्रैश और इलेक्ट्रिक कारें

अप्रैल 2029 से सभी मॉडलों को रियर इंपैक्ट के नियमों को पूरा करना होगा जिसमें फ्यूल सिस्टम और इलेक्ट्रिक पावरट्रेन की सुरक्षा शामिल है। पीछे से टक्कर होने पर पेट्रोल या डीजल कार में फ्यूल लीक होने का खतरा होता है जबकि इलेक्ट्रिक कार में करंट लगने का जोखिम होता है।

इवेंट डेटा रिकॉर्डर

अक्टूबर 2029 से गाड़ियों में Event Data Recorder लगाना अनिवार्य हो जाएगा। यह एक ऐसा उपकरण है जो एक्सीडेंट से ठीक पहले और एक्सीडेंट के दौरान गाड़ी के डेटा को रिकॉर्ड करता है। इसमें ऑडियो, वीडियो, लोकेशन डेटा और ड्राइवर की जानकारी शामिल नहीं होती है। भारत के कानूनी फ्रंटल और रियर इंपैक्ट स्टैंडर्ड्स के बाद फ्यूल लीक होने और करंट के सुरक्षा नियम भी शामिल हैं।

नए Bharat NCAP के ड्राफ्ट में उन जाचों को भी लिस्टेड किया गया है जिसे इसके टेस्टर्स हर क्रैश के बाद वेरिफाई करेंगे।

स्पीड का अंतर

रेटिंग के ये टेस्ट कानूनी नियमों की तुलना में ज्यादा सख्त होते हैं। इसके फ्रंटल क्रैश टेस्ट में कार को उसी प्रकार के बैरियर से 64kmph की स्पीड से टकराया जाता है जो UN रेगुलेशन में स्पेसिफाइड हैं जो कानूनी टेस्ट में 8kmph ज्यादा है। यूरोर पर कार-रेटिंग प्रोग्राम, जिसे Euro NCAP कहा जाता है, ने 1997 से 2020 तक इसी 64kmph वाले टेस्ट का इस्तेमाल होता था।

जिसके बाद उसने ऐसे टेस्ट पर स्विच किया गया जिसमें कार और एक चलती हुई बैरियर दोनों को एक-दूसरे की तरफ 50kmph की रफ्तार से चलाया जाता है।

BNCAP क्रैश टेस्ट

आज, भारत NCAP के तहत रेट की जाने वाली हर कार 3 क्रैश से गुजरती है- क्रंपल होने वाले बैरियर में 64kmph की स्पीड से सामने की टक्कर, 50kmph रफतार से कार के साइड में एक चलती हुई बैरियर की टक्कर और 29hmph की रफ्तार से एक पोल में साइड से फिसलकर टक्कर। इसके लिए एडल्ट्स और बच्चों की सुरक्षा के लिए दो अलग-अलग रेटिंग मिलती हैं।

बढ़ी क्रैश टेस्ट की संख्या

नए और बदले हुए नियमों के तहत अब कारों का टेस्ट करने के लिए क्रैश टेस्ट की कुल संख्या 3 से बढ़ाकर 5 कर दी गई है:

  • फ्रंटल क्रैश: यह टेस्ट पहले की तरह ही 64kmph की रफ्तार से ही किया जाएगा।
  • साइट टेस्ट: साइड से टक्कर का टेस्ट 50kmph की स्पीड से ही होगा लेकिन जिस भारी बैरियर से कार को टक्कर मारी जाएगी उसका वजन 950 किलो से बढ़ाकर 1,300 किलो कर दिया गया है।
  • खंभे से टक्कर: कार के साइड में खंभे से होने वाली टक्कर का टेस्ट अब 29kmph के बजाट 32kmph की स्पीज से और एक एंगल पर किया जाएगा।

दो नए क्रैश टेस्ट

नए नियम में दो क्रैश टेस्ट को जोड़ा गया है:

  • पहला- कार के पूरे अगले हिस्से को 50kmph की स्पीड से एक रिजिड वॉल से टकराना होगा।
  • दूसरा- पीछे से एक सख्त बैरियर को 50kmph की रफ्तार से कार के पिछले हिस्से में टक्कर मारना।

इस नए ड्राफ्ट में एक छोटी एडल्ट महिला और बड़े बच्चों के आखार के डम्मी का यूज किया जाएगा। इसके अलावा, व्हिपलेश का टेस्ट होगा और यह भी जांचा जाएगा कि एक्सीडेंट के बाद बचाव दल लोगों को कार से कितनी आसानी से बाहर निकाल सकते हैं।

पैदल यात्रियों की सेफ्टी और स्कोरिंग

पैदल यात्रियों की सुरक्षा, जो अभी तक सिर्फ हाई रेटिंग के लिए एक शर्त थी, अब पॉइंट्स के आधार पर मापी जाएगी। इसमें टेस्टर कार के अगले हिस्से पर इंसानी पैर या सिर के आकार के इंपैक्टर्स मारेंगे जैसे- बंपर पर पैर, बोनट और विंडशील्ड पर एडल्ट का सिर और बोनट पर बच्चे का सिर। स्कोरिंग का तरीका भी बद गया है और अब अलग-अलग रेटिंग के बजाय 100 अंकों का एक ही कुल स्कोर मिलेगा:

  • क्रैश टेस्ट- 55 अंक
  • कार के बाहर लोगों की सुरक्षा- 20 अंक
  • ड्राइवर वॉर्निंग और एक्सीडेंट से बचने की तकनीक- 10-10 अंक
  • एक्सीडेंट के बाद की सुरक्षा- 5 अंक

अब 5-स्टार रेटिंग पाने के लिए साल 2027 से 70 अंक और साल 2029 से इसे बढ़ाकर 80 अंक कर दिया जाएगा।

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