जानलेवा हादसों में भी खरोंच तक नहीं आने देते कार के एयरबैग; कैसे करते हैं काम
भारत में हर साल लाखों की संख्या में सड़क हादसे होते हैं। जिनमें कई लोगों की मौत हो जाती है। ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। भारत में लापदवाही के कारण सड़कों पर रोज हादसे होते हैं। इन हादसों में लाखों लोग घायल हो जाते हैं और कई लोगों की मौत हो जाती है। हादसों में कार में सुरक्षा के लिए एयरबैग जैसे फीचर को दिया जाता है। यह फीचर क्यों जरूरी है और किस तरह से यह काम करता है। हम इस खबर में आपको बता रहे हैं।
होते हैं हादसे
भारत में लापरवाही के कारण सड़क पर हर रोज हजारों की संख्या में हादसे होते हैं। इनमें से कई हादसे कारों के साथ होते हैंं। जिनमें कई तरह के सेफ्टी फीचर को दिया जाता है। इन फीचर्स में से एक फीचर एयरबैग होता है, जिनकों कारों में अनिवार्य तौर पर दिया जाता है।
क्या होता है एयरबैग
एयरबैग अपने नाम के मुताबिक ऐसा बैग होता है जिसमें एयर भरी जाती है। सामान्य स्थिति में इस सेफ्टी फीचर का काम नहीं होता। लेकिन अगर किसी कार के साथ हादसा हो जाता है तो यात्रियों की सुरक्षा के लिए यह सेफ्टी फीचर एक्टिव हो जाता है और कार सवारों की जान बचाने का काम करता है। इसे बेहद मजबूत कपड़े से बनाया जाता है।
कैसे होती है सुरक्षा
आमतौर पर एयरबैग्स को कार में डैशबोर्ड और स्टेयरिंग व्हील पर लगाया जाता है। इसके साथ ही कुछ सेंसर को कार के आगे और पीछे लगाया जाता है। अगर कार के साथ हादसा होता है तो कार में लगे सेंसर एयरबैग को एक्टिव कर देते हैं और यह बेहद कम समय में ही खुल जाता है। यह इतने कम समय में खुलता है जिससे कार सवार को गंभीर चोट से बचाया जा सके।
रखते हैं सुरक्षित
एयरबैग एक्टिव होने के बाद यात्री और कार के बीच एक सुरक्षा की दीवार बना देते हैं, जिससे यात्री का सिर, छाती कार के स्टेयरिंग या अन्य किसी भी हिस्से से टकराने से बच जाता है और इस तरह से जान को बचाया जाता है।
