भारत में ईथेनॉल पर मचा हुआ है भारी हंगामा, लेकिन क्या है विदेशों की हकीकत?
भारत में हाल में ही ईथेनॉल की मात्रा को पेट्रोल में बढ़ाते हुए E85 पेट्रोल को लॉन्च किया गया है। ...और पढ़ें

HighLights
भारत में E85 इथेनॉल पेट्रोल पर वाहनों को नुकसान की अफवाहें
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने इथेनॉल को बताया आर्थिक और पर्यावरणीय फायदेमंद
ब्राजील और अमेरिका जैसे देशों में उच्च इथेनॉल मिश्रण का व्यापक उपयोग
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। भारतीय बाजार में पेट्रोल में ईथेनॉल की मात्रा को बढ़ाते हुए E85 पेट्रोल को कुछ समय पहले ही लॉन्च किया गया है। जिसके बाद से कई लोग यह कह रहे हैं कि पेट्रोल में ईथेनॉल की मात्रा के कारण कई तरह के नुकसान होते हैं। लेकिन क्या यही स्थिति विदेशों में भी है। किन देशों में ईथेनॉल वाले पेट्रोल का उपयोग वाहनों में किया जा रहा है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
भारत में लॉन्च हुआ E85 पेट्रोल
भारत में हाल में ही ई 85 पेट्रोल को लॉन्च किया गया है। जिसके बाद अब वाहन निर्माता भी इस ईंधन से चलने वाले वाहनों को पेश और लॉन्च कर रहे हैं। इस ईंधन की कीमत सामान्य ई20 पेट्रोल के मुकाबले कम भी रखी गई है।
क्यों हो रहा हंगामा
भारत में बीते कुछ समय से इस बात का भ्रम फैलाया जा रहा है कि ईथेनॉल वाले पेट्रोल से वाहनों को नुकसान हो रहा है। यह ईंधन वाहनों के लिए सही नहीं है। इसका उपयोग वाहनों में नहीं किया जाना चाहिए।
क्या है सच्चाई
विवाद के बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी भी कई मौकों पर यह बात कह चुके हैं कि ईथेनॉल के साथ वाहन को चलाने से कोई नुकसान नहीं होता। बल्कि यह देश की अर्थव्यस्था के साथ ही प्रदूषण कम करने में मदद भी करता है।
विदेशों की क्या है स्थिति
- अगर बात देश से बाहर की हो रही है कि तो भारत से पहले भी कई देश ईथेनॉल पेट्रोल के साथ वाहनों का उपयोग कर रहे हैं। इन देशों में सबसे ऊपर ब्राजील का नाम आता है जहां पर करीब 90 फीसदी वाहनों को ईथेनॉल के मिश्रण वाले पेट्रोल के साथ चलाया जा रहा है। ब्राजील में तो कई वाहनों को 100 फीसदी वाले ईथेनॉल से भी चलाया जाता है।
- ब्राजील के अलावा अमेरिका में भी 10 से 85 फीसदी ईथेनॉल वाले ईंधन का उपयोग बड़ी मात्रा में वाहनों में किया जा रहा है।
- यूरोप के जर्मनी, फ्रांस, स्वीडन और नीदरलैंड में भी इस तरह के ईंधन के साथ वाहनों को चलाया जा रहा है। लेकिन इन देशों में पेट्रोल में ईथेनॉल की मात्रा सिर्फ सात से 10 फीसदी के आस पास है।
