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कौन थे निल्‍स इवार बोहलिन, कब और कैसे किया था 3 प्वाइंट Seat Belt का आविष्‍कार?

Published: Wed, 22 Jul 2026 10:00 AM (IST)

दुनिया में हर रोज हजारों की संख्‍या में सड़क हादसे होते हैं। इन हादसों में बड़ी संख्‍या में लोगों की ...और पढ़ें

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ऑटो डेस्‍क, नई दिल्‍ली। भारत के साथ ही दुनिया के सभी देशों में कारों का उपयोग किया जाता है। कारों में सुरक्षा के लिए 3 पाइंट Seat Belt जैसे सेफ्टी फीचर को भी दिया जाता है। क्‍या आप जानते हैं कि दुनिया में पहली बार किसने इस फीचर का आविष्‍कार किया था। किस तरह से लोगों की जान बचाने का काम करती है। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।

निल्‍स इवार बोहलिन ने किया था आविष्‍कार

कारों में सेफ्टी फीचर के तौर पर सबसे जरूरी फीचर थ्री पाइंट सीट बेल्‍ट होती हैं। मौजूदा समय में उपयोग की जाने वाली थ्री सीट बेल्‍ट का आविष्‍कार निल्‍स इवार बोहलिन ने किया था।

1959 में हुआ था आविष्‍कार

निल्‍स इवार बोहलिन ने 1959 में पहली बार थ्री पाइंट सीट बेल्‍ट का आविष्‍कार किया था। इससे पहले सभी वाहनों में टू पाइंट सीट बेल्‍ट का उपयोग किया जा रहा था। लेकिन उस तकनीक वाली सीट बेल्‍ट से हादसे के समय वाहन सवारों को ज्‍यादा चोट लगती थी।

1920 में हुआ था जन्‍म

निल्‍स इवार बोहलिन 20वीं शताब्दी के सबसे प्रभावशाली स्वीडिश मैकेनिकल इंजीनियर व आविष्कारक थे। निल्स का जन्म 17 जुलाई 1920 को हर्नोसैंड, स्वीडन में हुआ था। उन्होंने स्वीडन में तकनीकी शिक्षा प्राप्त की और मैकेनिकल इंजीनियरिंग में विशेषज्ञता ली। इसी दौरान उन्होंने यांत्रिक डिजाइन, धातु विज्ञान, संरचनात्मक विश्लेषण और सुरक्षा प्रणालियों का गहन अध्ययन किया। सड़क सुरक्षा के इतिहास में उनका योगदान महत्वपूर्ण माना जाता है।

विमान कंपनी से की शुरुआत

स्वीडन की विमान कंपनी से निल्‍स ने अपने पेशेवर जीवन की शुरुआत की थी। इंजीनियरिंग की डिग्री हासिल करने के बाद उन्होंने स्वीडन की विमान और रक्षा कंपनी SAAB में की वे सैन्य विमानों के लिए इजेक्शन सीट विकसित करने वाली टीम का हिस्सा थे। इजेक्शन सीट आपातकालीन स्थिति में पायलट को सुरक्षित बाहर निकालती है। इससे उन्हें मानव शरीर पर लगने वाले बल, दुर्घटनाओं के प्रभाव व सुरक्षा उपकरणों की वैज्ञानिक संरचना को गहराई से समझने का मौका दिया।

1958 में वोल्‍वो में शुरू किया काम

विमान कंपनियों में काम करने के बाद निल्‍स ने 1959 में स्वीडन की वाहन निर्माता वोल्वो में काम शुरू किया। वोल्‍वो में उनकी नियुक्‍ति सुरक्षा इंजीनियर के रूप तौर पर हुई थी।

दुर्घटनाओं से हुआ बचाव

इस सीट बेल्ट में एक पट्टा कंधे के ऊपर से और दूसरा कमर के चारों ओर होकर एक ही लॉकिंग पॉइंट से जुड़ता है। प्रणाली दुर्घटना के समय शरीर को मजबूती से थामे रखती है और टक्क और टक्कर के प्रभाव को शरीर के मजबूत भागों, कंधे, छाती और श्रोणि पर समान रूप से वितरित करती है। चालक और यात्री दोनों के लिए अधिक सुरक्षा मिलती है। सिर, रीढ़ और छाती की गंभीर चोटों में कमी आई। उपयोग व एक हाथ से बांधने में सरल व सुविधाजनक व्यवस्था है इसमें।

मिले कई सम्‍मान

वोल्वो के साथ लंबे समय तक काम करने के साथ ही उनको कई बार सम्‍मानित भी किया गया। उनके असाधारण योगदान के लिए उन्हें रेल्फ इजबेंड्ट ऑटोमोटिव सेफ्टी इंजीनिरिंग अवॉर्ड दिया गया। उन्हें सोसायटी ऑफ ऑटोमोटिव इंजीनियर्स की ओर से विशेष मान्यता मिली थी।

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