विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

क्यों और कैसे अनिवार्य हुई गाड़ियों में सीट बेल्ट? कहां बना था कानून, यहां जानें

Published: Thu, 25 Jun 2026 10:00 AM (IST)

दुनिया में करोड़ों कारों का उपयोग किया जाता है। इन कारों में सेफ्टी के लिए Seat Belt को दिया जाता ...और पढ़ें

News Article Hero Image
timer icon

समय कम है?

जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

संक्षेप में पढ़ें

ऑटो डेस्‍क, नई दिल्‍ली। भारत के साथ ही दुनिया के सभी देशों में कारों का उपयोग किया जाता है। कारों में सुरक्षा के लिए Seat Belt जैसे सेफ्टी फीचर को भी दिया जाता है। क्‍या आप जानते हैं कि दुनिया में पहली बार किस देश में इस फीचर का उपयोग करने के लिए कानून को बनाया गया था। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।

Seat Belt लगाना है जरूरी

आज के समय में जब करोड़ों की संख्‍या में कारों का उपयोग रोज किया जाता है, तब बड़ी संख्‍या में हादसा होने का खतरा रहता है। इन हादसों के दौरान कार सवार को सुरक्षित रखने के लिए कई तरह के सेफ्टी फीचर ऑफर किए जाते हैं। इन फीचर में से एक फीचर कार में सफर के दौरान सीट बेल्‍ट का उपयोग करना है।

कब बना था कानून

दुनिया में लंबे समय से कारों का उपयोग किया जा रहा है। लेकिन इन कारों में सीट बेल्‍ट लगाने का चलन काफी कम था और इस कारण हादसों की संख्‍या भी बढ़ रही थी। इसलिए सीट बेल्‍ट लगाने के लिए कानून को बनाया गया था। यह कानून सबसे पहले 1955 में लागू किया गया था।

किस देश में बना था कानून

1955 में जब अमेरिका में बड़ी संख्‍या में कारों का उपयोग किया जा रहा था, तब वहां पर सुरक्षा को ज्‍यादा बेहतर करने के लिए पहली बार ऑटोमोबाइल सीट बेल्‍ट कानून को इलिनोइस राज्‍य में बनाया गया था। 

क्‍या था कानून

1995 में अमेरिका में इस कानून को पास तो कर दिया गया था, लेकिन तब सफर के दौरान सीट बेल्‍ट को लगाना अनिवार्य नहीं था। इस कानून के तहत सिर्फ वाहन निर्माताओं के लिए यह जरूरी किया गया था कि वह कार में सीट बेल्‍ट फिट करने के लिए खाली जगह को छोड़ें।

क्‍या था कारण

इस कानून को बनाने का मुख्‍य कारण यह था कि जो भी लोग अपनी कार में सफर के दौरान सुरक्षा को बेहतर करने के लिए सीट बेल्‍ट को लगवाना चाहते हैं उनको कार खरीदने के बाद बिना परेशानी इस फीचर को लगवाने में मदद मिल पाए। जिस कारण वाहन निर्माताओं को मजबूत ढांचा बनाने के लिए प्रेरित किया गया था। 

निर्माताओं ने किया था विरोध

जिस समय अमेरिका के इलिनोइस में इस कानून को बनाया गया था तब वहां पर निर्माताओं की ओर से इसका विरोध करते हुए तर्क दिया गया था कि इस कारण असेंबली लाइन के डिजाइन में बदलाव करने की जरूरत होगी और इससे कारों की लागत भी बढ़ जाएगी। जिससे उनको कारों की कीमत को भी बढ़ाना पड़ेगा। लेकिन राज्‍य की जिद के कारण निर्माताओं को ऐसा करना पड़ा, जिसके बाद अन्य देशों में भी इस तरह के कानून को बनाया गया था।

यह भी पढ़ें- क्‍या है Number Plate का इतिहास, दुनिया के किस देश में कब और कैसे हुई थी शुरुआत?