क्या है Number Plate का इतिहास, दुनिया के किस देश में कब और कैसे हुई थी शुरुआत?
दुनियाभर में करोड़ों की संख्या में वाहनों का उपयोग किया जाता है। लेकिन हर गाड़ी की पहचान उस पर लगी ...और पढ़ें


समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
ऑटो डेस्क, नई दिल्ली। भारत के साथ ही दुनियाभर में हर रोज करोड़ों लोग कार, स्कूटर, मोटरसाइकिल जैसे वाहनों का उपयोग करते हैं। इन वाहनों की पहचान के लिए इन पर Number Plate लगाई जाती है। जिससे इतनी बड़ी संख्या होने पर भी हर गाड़ी को आसानी से पहचाना जा सकता है। वाहनों पर नंबर प्लेट लगाने की शुरूआत कब की गई थी। किस देश में सबसे पहले नंबर प्लेट के उपयोग को शुरू किया गया था। हम आपको इस खबर में बता रहे हैं।
किस देश में हुई थी शुरुआत
जानकारी के मुताबिक दुनिया में सबसे पहली बार नंबर प्लेट का उपयोग फ्रांस में किया गया था। फ्रांस की राजधानी पेरिस में पहली बार 1893 में वाहनों पर नंबर प्लेट लगाने की शुरुआत की गई थी। तब पेरिस में नंबर प्लेट के उपयोग के लिए एक कड़ा अध्यादेश लाया गया था।
क्यों हुई थी शुरुआत
फ्रांस की राजधानी पेरिस में वाहनों पर नंबर प्लेट लगाने की शुरुआत इसलिए की गई थी क्योंकि 1893 में भी वहां पर वाहनों की संख्या काफी बढ़ गई थी। इन वाहनों के कारण वहां पर हादसों की संख्या में भी बढ़ोतरी हो रही थी और बिना नंबर प्लेट गाड़ी को पहचानने में परेशानी भी होती थी। इस कारण नंबर प्लेट के उपयोग को शुरू किया गया था।
जर्मनी में थी पहली पर्सनल नंबर प्लेट
आज के समय में भले ही कस्टम या पर्सनल नंबर प्लेट को काफी महंगा शौक माना जाता है। लेकिन इसकी शुरुआत फ्रांस की जगह जर्मनी में हुई थी। 1901 में जर्मनी के एक व्यवसायी हर्ट्ज ने अपनी पत्नी के नाम के शुरुआती अक्षर से प्रेरित होकर गाड़ी पर IA1 को लिखवाया था, जो दुनिया की पहली पर्सनल नंबर प्लेट के तौर पर अलग पहचान रखती है।
किस तरह की होती थीं नंबर प्लेट
जिस समय वाहनों पर नंबर प्लेट लगाने की शुरुआत की गई थी, उस समय इनको एल्यूमिनियम या लोहे से नहीं बनाया जाता था। इन प्लेट्स को घर पर ही चमड़े, लकड़ी, कपड़े या चीनी मिट्टी से तैयार किया जाता था। जिसके बाद इनको गाड़ी पर लगाया जाता था।
