1 से 9 नहीं, अंक ज्योतिष में '0' है सबसे शक्तिशाली! पढ़ें इसके पीछे की चौंकाने वाली वजह
अंक ज्योतिष में संख्या 0 का विशेष आध्यात्मिक महत्व है, जो अन्य अंकों की ऊर्जा को बढ़ाता है और अनंत संभावनाओं का प्रतीक है।

अंक ज्योतिष में शून्य का महत्व (Picture Credits- AI Images)
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। अंक ज्योतिष में अक्सर संख्या 1 से लेकर 9 तक के खास अंकों को ही गिना जाता है, लेकिन संख्या शास्त्र में अंक 0 का एक विचित्र अंक होने के साथ काफी आध्यात्मिक महत्व रखता है। 1 से 9 तक के अंक जिनमें से हर एक का अपना खास व्यक्तित्व गुण होता है।
इसी वजह से 0 को कभी-कभी अनंत संभावनाओं वाला नंबर भी कहा जाता है। यह आपको किसी खास गुण की ओर आकर्षित नहीं करता है, जैसे अंक 1 नेतृत्व क्षमता (Leadership) या अंक 2 पार्टनरशिप की ओर आगे बढ़ाने का काम करती है। इसके बजाय यह अपने साथ आने वाले किसी भी नंबर के प्रभाव को बढ़ा देता है और उसे ज्यादा महत्व देता है।
क्या 0 एक शक्तिशाली अंक है?
अंक ज्योतिष में 0 को सबसे शक्तिशाली अंकों में शामिल किया जाता है और इसका असल कारण इसकी 'बढ़ाने' की क्षमता है। जब 0 किसी दूसरे अंक के साथ आता है, खासकर 10, 20 या 100 जैसी दोहराई जाने वाली संख्या में तो यह उस अंक की ऊर्जा को कम करने की जगह बढ़ाने का काम करता है।
यही कारण है कि 0 का जुड़ाव 'आध्यात्मिक जुड़ाव' से काफी गहरा है। यह ईश्वरीय शक्ति या ब्रह्मांड से सीधे जुड़ाव को दर्शाता है और किसी एक खास गुण से बंधा नहीं होता है। अंक ज्योतिष में इसे एक खास तरह की ताकत के रूप में देखा जाता है।
अध्यात्म में 0 का क्या मतलब है?
आध्यात्मिक नजरिए को ध्यान में रखा जाए तो 0 का असल अर्थ है सृष्टि से पहले का खालीपन वही ऊर्जा जो किसी चक्र की शुरुआत में किसी चीज के आकार लेने से पहले होती है। इसे असीम संभावनाओं, जागृति और सृष्टि के साथ होने की भावना से जोड़ा जाता है, क्योंकि एक घेरे की न तो शुरुआत होती है और नहीं कोई अंत।
कुछ आध्यात्मिक परंपराओं में 0 को क्राउन चक्र से भी जोड़कर देखा जाता है, जो ऊंची चेतना और खुद से भी बड़ी किसी चीज से जुड़ाव का प्रतीक माना जाता है। जीवन में बार-बार 0 दिखना अक्सर इस बात का संकेत हो सकता है कि आप एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक यात्रा की शुरुआत कर रहे हैं या आपके जीवन की कोई स्थिति पूरी तरह से नए सिरे से शुरू होने वाली है।
अंक ज्योतिष की गणना में 0 को गिना जाता है?
किसी भी व्यक्ति की लाइफ पाथ नंबर की गणना करते समय 0 आमतौर पर आखिरी अंक के रूप में नहीं इस्तेमाल किया जाता है, क्योंकि लाइफ पाथ नंबर को 1 से 9 तक या मास्टर नंबर 11, 22 और 33 में बदल दिया जाता है। हालांकि जन्म की संपूर्ण तारीख या नाम की गणना में 0 खास भूमिका निभाता है, क्योंकि यह अपने साथ वाले अंको पर भी असर दिखाता है।
एंजल नंबर 0 और 000 का मतलब
एंजल नंबर 0 या बार-बार दिखने वाले नंबर 000 को अक्सर नई शुरुआत और असीमित संभावनाओं के तौर पर देखा जाता है। क्योंकि 0 का अर्थ है सृष्टि या रचना से पहले की स्थिति, इसे बार-बार देखने का मतलब है कि, किसी खास चीज की शुरुआत में आपको समर्थन मिल रहा है, चाहे वह कोई रिश्ता हो, करियर में बदलाव हो या आध्यात्मिक में सक्रियता।
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