Mangalsutra Numerology:शादी के बाद पति-पत्नी का रिश्ता होगा मजबूत, मूलांक के अनुसार धारण करें मंगलसूत्र
हिंदू धर्म में मंगलसूत्र को वैवाहिक जीवन का प्रतीक माना जाता है, और अंकज्योतिष के अनुसार मूलांक के आधार पर ...और पढ़ें

अपनी जन्मतिथि के आधार पर करें मंगलसूत्र का चुनाव । (Picture Credit- AI Generated)
HighLights
मंगलसूत्र वैवाहिक जीवन का प्रतीक, अंकज्योतिष से चुनाव करें।
प्रत्येक मूलांक के लिए मंगलसूत्र के पेंडेंट का विशिष्ट डिजाइन।
सही मंगलसूत्र धारण करने से रिश्तों में प्रेम और मजबूती आती है।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। हिंदू धर्म में मंगलसूत्र को सुहाग और वैवाहिक जीवन का प्रतीक माना जाता है। इसे केवल आभूषण नहीं, बल्कि पति-पत्नी के रिश्ते, प्रेम और वैवाहिक सुख से भी जुड़कर देखा जाता है। हालांकि, समय के साथ-साथ अब मंगलसूत्र के डिजाइंस और महत्व की परिभाषा काफी कुछ बदल चुकी है। मगर मंगलसूत्र आज भी हिंदू धर्म में महत्वपूर्ण स्थान रखता है।
अंकज्योतिष में जन्मतिथि और मूलांक के आधार पर मंगलसूत्र के पेंडेंट का डिजाइन, धातु या उसमें इस्तेमाल किए जाने वाले रंग के बारे में बताया गया है। यदि आप भी अपने वैवाहिक जीवन को खुशहाल बनाना चाहती हैं और रिश्तों में मजबूती लाना चाहती हैं, तो अपने मूलांक के हिसाब से मंगलसूत्र का चुनाव करें।
मूलांक 1
मूलांक 1 का संबंध सूर्य से होता है। इस मूलांक की महिलाएं सोने का मंगलसूत्र पहन सकती हैं। पेंडेंट में लाल या नारंगी रंग के मीना का काम एक अच्छा विकल्प हो सकता है। माना जाता है कि इससे रिश्ते में आत्मविश्वास और सकारात्मकता बढ़ती है।
मूलांक 2
मूलांक 2 का स्वामी चंद्रमा होता है। ऐसे में सोने के मंगलसूत्र के पेंडेंट में सफेद मोती या मूनस्टोन का इस्तेमाल किया गया हो, तो यह मूलांक 2 वालों के लिए शुभ होता है। इससे रिश्ते में भावनात्मक संतुलन और शांति बनी रहती है।
मूलांक 3
मूलांक 3 के स्वामी बृहस्पति देव हैं। इन्हें विवाह और सौभाग्य से भी जोड़ा जाता है। इस मूलांक की महिलाएं चौकोर डिजाइन वाला सोने का पेंडेंट चुन सकती हैं। माना जाता है कि इससे रिश्ते में सम्मान और समझ बढ़ती है।
मूलांक 4
मूलांक 4 का संबंध राहु से होता है। जिन महिलाओं का यह मूलांक होता है , वे पारंपरिक डिजाइन के मंगलसूत्र का चुनाव कर सकती हैं। पेंडेंट में सलेटी या स्टील-ब्लू रंग का काम हो तो यह रिश्ते में समझ को बेहतर बनाने में सहायक हो सकता है।
मूलांक 5
मूलांक 5 के स्वामी बुध होते हैं। बुध को संवाद और बुद्धि से जोड़ा जाता है। इसलिए इस मूलांक की महिलाएं पेंडेंट में हल्के हरे रंग या पन्ने का भी इस्तेमाल कर सकती हैं। इससे रिश्ते में आपसी बातचीत और तालमेल बेहतर होता है।
मूलांक 6
मूलांक 6 का संबंध शुक्र से होता है। शुक्र प्रेम और वैवाहिक सुख का कारक होता है। इस मूलांक की महिलाएं सोने के पेंडेंट में डायमंड या अमेरिकन डायमंड का इस्तेमाल हो, तो रिश्ते में मजबूती आती है।
मूलांक 7
मूलांक 7 के स्वामी केतु हैं। इस मूलांक की महिलाएं मंगलसूत्र में छोटा गणेश पेंडेंट लगा सकती हैं। इतना ही नहीं, लहसुनिया रत्न को भी केतु से जोड़ा जाता है। इसे भी मंगलसूत्र के पेंडेंट में लगाया जा सकता है। इससे भी बहुत लाभ मिलता है।
मूलांक 8
मूलांक 8 का संबंध शनि से होता है। इस मूलांक की महिलाओं के लिए मंगलसूत्र के काले मोतियों को महत्वपूर्ण माना जाता है। पारंपरिक डिजाइन वाला मंगलसूत्र पहनना ही इनके लिए शुभ माना जाता है।
मूलांक 9
मूलांक 9 के स्वामी मंगलदेव हैं। इस मूलांक की महिलाएं पेंडेंट में लाल रंग के मीनावर्क वाला मंगलसूत्र पहन सकती हैं। लाल मूंगा या लाल रंग के छोटे नग भी पेंडेंट में होते हैं, तो इससे रिश्ते पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
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