शरद पूर्णिमा की रात चंद्र दर्शन के बाद राशि अनुसार करें ये शास्त्रीय उपाय, चमक उठेगी सोई किस्मत
शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से युक्त होता है और उसकी किरणों को अमृत के समान लाभकारी ...और पढ़ें

शरद पूर्णिमा पर राशि अनुसार करें ये उपाय (Picture Credit: AI Generated)
HighLights
शरद पूर्णिमा पर चंद्रमा की किरणें अमृत समान लाभकारी।
राशि अनुसार चंद्र दर्शन के बाद करें विशेष उपाय।
सुख-समृद्धि और मानसिक शांति के लिए लाभकारी।
धर्म डेस्क, नई दिल्ली। शरद पूर्णिमा की रात को हिंदू धर्म और ज्योतिष शास्त्र में विशेष महत्व दिया गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस रात चंद्रमा अपनी सोलह कलाओं से युक्त होता है और उसकी किरणों को अमृत के समान लाभकारी माना जाता है।
इसी वजह से शरद पूर्णिमा पर चंद्रदेव की पूजा, अर्घ्य देना और रात्रि में चंद्रमा के दर्शन करने की परंपरा है। साथ ही, इस रात को चंद्रमा से अमृत वर्षा होती है और इसी कारण से चंद्रमा की रोशनी में खीर रखी जाती है। मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और श्रद्धापूर्वक उपाय करने से जीवन में सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और सकारात्मकता बनी रहती है।
एस्ट्रोपत्री के ज्योतिषी चंद्रेश शर्मा के अनुसार, शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा या रास पूर्णिमा भी कहा जाता है। मान्यता है कि इस रात चंद्रमा 16 कलाओं से युक्त होकर अमृत वर्षा करता है। यदि आप रात में चंद्रमा के दर्शन करके अपनी राशि अनुसार ये सरल उपाय करेंगे तो सुख-समृद्धि और शांति का आशीर्वाद मिलता है।
मेष राशि: शरद पूर्णिमा की रात चंद्रमा को अर्घ्य देकर 'ॐ सोमाय नमः' मंत्र का जाप करें और हनुमान जी को गुड़-चने का भोग लगाएं।
वृषभ राशि :चंद्रमा के दर्शन करते समय मक्खन या मिश्री का भोग अर्पित करें। श्री सूक्त का पाठ करना अत्यंत शुभ रहेगा।
मिथुन राशि: चंद्रमा को दूध और जल का अर्घ्य दें। खीर बनाकर उसमें थोड़ा-सा इलायची पाउडर मिलाकर चंद्रमा की रोशनी में रखें।
कर्क राशि: चंद्रमा आपकी राशि का स्वामी है। दूध, अक्षत (चावल) और सफेद फूल से अर्घ्य दें और 'ॐ शशांकाय नमः' का जाप करें।
सिंह राशि: चंद्रमा को जल अर्पित कर कनकधारा स्तोत्र का पाठ करें। पीले वस्त्र धारण कर मां लक्ष्मी जी की पूजा करें।
कन्या राशि: चंद्रमा की चांदनी में बैठकर 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करें और कपूर जलाकर आरती करें।
तुला राशि: चांदी के पात्र में खीर रखकर चंद्रमा को अर्पित करें और लक्ष्मी सूक्त का पाठ करें।
वृश्चिक राशि: चंद्रमा को जल का अर्घ्य देकर शिव चालीसा या चंद्र महामंत्र का पाठ करें।
धनु राशि: चंद्रमा के दर्शन के बाद विष्णु सहस्रनाम का पाठ करें और दूध में केसर डालकर चंद्र देव को अर्पित करें।
मकर राशि: चंद्रमा को अर्घ्य देकर 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जाप करें और किसी जरूरतमंद को सफेद वस्तु या दूध का दान करें।
कुंभ राशि: रात में पीपल के वृक्ष के पास या चंद्र दर्शन करते हुए दीपक जलाएं और शनि देव व चंद्र देव का ध्यान करें।
मीन राशि: शरद पूर्णिमा की रात आप चंद्रमा को केसर-मिश्री युक्त दूध से अर्घ्य दें और भगवान विष्णु का पूजन करें।
अगर आप भी शरद पूर्णिमा की रात अपनी राशि के अनुसार यहां बताए उपायों को आजमाएंगे, तो आपके जीवन में इसके सकारात्मक प्रभाव सदैव देखने को मिल सकते हैं।
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अस्वीकरण: इस लेख में बताए गए उपाय/लाभ/सलाह और कथन केवल सामान्य सूचना के लिए हैं। दैनिक जागरण यहां इस लेख फीचर में लिखी गई बातों का समर्थन नहीं करता है। इस लेख में निहित जानकारी विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों/दंतकथाओं से संग्रहित की गई हैं। पाठकों से अनुरोध है कि लेख को अंतिम सत्य अथवा दावा न मानें एवं अपने विवेक का उपयोग करें। दैनिक जागरण अंधविश्वास के खिलाफ है।
