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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 31, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सं. मालदा जिले में अज्ञात ज्वर का प्रकोप

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Published: Fri, 31 Oct 2014 11:34 PM (IST)

-डेंगू की आशंका : विगत छह रोज सात मरीजों की हुई तेज बुखार के बाद मौत -मृतकों में एक रतुआ की आठ वर

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-डेंगू की आशंका : विगत छह रोज सात मरीजों की हुई तेज बुखार के बाद मौत

-मृतकों में एक रतुआ की आठ वर्षीय बालिका एवं छह कालियाचक क्षेत्र के निवासी

संवाद सूत्र, मालदा : मालदा जिले में डेंगू की आशंका बढ़ रही है। पिछले छह रोज के दौरान विभिन्न प्रखंडों से सात मरीजों की मौत तेज बुखार व अन्य डेंगू के लक्षणों के साथ होने से लोगों में डेंगू की आशंका कर रहे हैं। हालांकि जिला स्वास्थ्य विभाग ने डेंगू की पुष्टि नहीं की है। सूत्रों के अनुसार मृत मरीजों के रक्त के नमूने परीक्षण के लिए भेजे गए हैं।

जानकारी अनुसार जिले के कालियाचक, वैष्णवनगर व रतुआ क्षेत्र में तेज बुखार से पिछले छह दिनों में सात लोगों की मौत हो जाने से इलाकों में खलबली है। पीड़ितों का इलाज मालदा मेडिकल कॉलेज-अस्पताल सहित जिले के विभिन्न अस्पतालों में चल रहा है। शुक्रवार सुबह मालदा मेडिकल कॉलेज-अस्पताल में बुखार पीड़ित वर्णाली दास 8 की मौत हो गई। मृतका रतुआ प्रखंड की निवासी थी। परिवार की ओर से बताया गया है कि गुरुवार को कंपकंपी के साथ तेज बुखार के बाद इस बच्ची को पहले रतुआ स्वास्थ केंद्र में ले जाया गया। वहां उसकी हालत में गिरावट आने से उसे मालदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भेज दिया गया। शुक्रवार सुबह चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। इधर, कालियाचक थाना क्षेत्र के अंतर्गत बीते कई दिनों में रिसवा बीबी (30), साहब शेख (50), अहमद शेख (25), मीनू बीबी (24), शम्सुद्दीन शेख (70), आलम शेख (30) की मौत बुखार से हो गई। जिले के मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी दिलीप मंडल ने शुक्रवार को बताया कि इनके रक्त के नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक प्रतिवर्ष इस समय ऋतु परिवर्तन के कारण बुखार का प्रकोप देखा जाता है। ठंड पड़ते ही मच्छरों का उत्पात बढ़ गया है। बुखार से पीड़ित होकर करीब दो सौ से अधिक लोगों को जिले के विभिन्न सरकारी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। स्थिति से मुकाबले के लिए विभिन्न गांवों में मेडिकल कैंप व बुखार पीड़ितों के रक्त के नमूने इकट्ठा करने का काम स्वास्थ्य विभाग ने शुरू किया है। मालदा मेडिकल कॉलेज में पर्याप्त ढांचागत सुविधाओं के बावजूद जिले के अन्य अस्पतालों में सुविधाओं की कमी है। ऐसी स्थिति में जिला स्वास्थ्य विभाग विभिन्न एनजीओ की मदद लेने जा रहा है। गांवों में जमा पानी साफ करने का निर्देश दिया गया है। रोगी कल्याण समिति के चेयरमैन एवं राज्य के मंत्री कृष्णेन्दु नारायण चौधरी ने बताया कि पूरी रिपोर्ट राज्य स्वास्थ्य विभाग को भेजी गई है। आतंकित होने की कोई बात नहीं है। परिस्थितियों से मुकाबले के लिए राज्य सरकार तैयार है।