यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 05, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
अज्ञात बुखार ने ली तीन महिलाओं की जान
संवाद सूत्र, बैरकपुर : बीते 24 घटों में अज्ञात बुखार से तीन और मौतें हो गईं। मरने वाली सभी

संवाद सूत्र, बैरकपुर : बीते 24 घटों में अज्ञात बुखार से तीन और मौतें हो गईं। मरने वाली सभी महिलाएं हैं। उनके नाम सीमा कहार (40, रीता कीर्तनिया (49) और रीना दास (42) हैं। देगंगा थानांतर्गत कहारपाड़ा की रहने वाली सीमा कहार को गत 15 दिनों से बुखार था। सरकारी अस्पताल में भर्ती सीमा की हालत गुरुवार रात बिगड़ गई। डाक्टरों ने उसे कोलकाता के एनआरएस अस्पताल में रेफर कर दिया। वहां शुक्रवार रात उसकी मौत हो गई। शनिवार को उसके शव को उसके घर लाया गया। उनकी मौत पर संवेदना प्रकट करने पहुंची स्थानीय तृणमूल विधायक रहिमा मंडल को देखकर स्थानीय लोग आक्रोशित हो उठे। स्थानीय पंचायत और राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए उन्होंने विधायक के सामने क्षोभ जताया। लोगों का आरोप है कि देगंगा में एक के बाद एक मौत की घटनाएं हो रही हैं लेकिन सफाई और बीमारी की रोकथाम के लिए पंचायत की ओर से कोई कदम नहीं उठाया गया है। बनगाव के गोपालनगर के पल्ला अंचल की वाशिदा रीता कीर्तनिया पिछले पाच दिनों से बुखार से पीड़ित थी। स्थानीय डाक्टर के इलाज से राहत नहीं मिलने पर गुरुवार को घरवालों ने उसे बनगाव अस्पताल में भर्ती करवाया, जहा शुक्रवार शाम उसकी हालत बिगड़ गई। डाक्टरों ने उसे कोलकाता के आरजी कर अस्पताल रेफर कर दिया, जहा शनिवार प्रात: रीता ने दम तोड़ दिया।
वहीं नदिया जिले की ताहिरपुर के ई ब्लॉक की वाशिदा रीना दास मंगलवार से बुखार झेल रही थी। उसका इलाज कल्याणी के जेएनएम अस्पताल में चल रहा था। शुक्रवार को उसकी हालत बिगड़ गई। डाक्टरों ने उसे आरजी कर अस्पताल में रेफर कर दिया। वहा ले जाते समय रास्ते में ही उसने दम तोड़ दिया। इस बीच महानगर में फिर डेंगू से एक महिला की मंौत हो गई। वह गर्भवती थी। मृतका का नाम पूर्णिमा विश्वास (28) है। वह टालीगंज की रहने वाली थी। शहर के एक निजी अस्पताल में शनिवार सुबह उसकी मौत हो गई है। स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक बंगाल में डेंगू से अब तक 56 लोगों की मौत हो चुकी है जबकि डेंगू पीड़ितों की संख्या लगभग 30 हजार है। स्वास्थ्य भवन की तरफ से एक कंट्रोल रूम खोला गया है, जहां से राज्य के सभी अस्पतालों में भर्ती डेंगू पीड़ितों के बारे में विस्तृत जानकारी हासिल की जा रही है। डेंगू पीड़ितों के रक्त की जांच के लिए शहर के मेडिकल कॉलेजों व जिलों के सदर अस्पतालों में काउंटरों की संख्या बढ़ाने का निर्देश दिया गया है।
