यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पहले गाव को स्मार्ट बनाए सरकार: चंपई सोरेन
सरायकेला: राज्य सरकार पहले गाव को स्मार्ट बनाए फिर शहर को स्मार्ट बनाने की सोचे। उक्त बा

सरायकेला: राज्य सरकार पहले गाव को स्मार्ट बनाए फिर शहर को स्मार्ट
बनाने की सोचे। उक्त बातें सरायकेला विधायक चंपई सोरेन ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कही। विधायक ने कहा कि राज्य सरकार स्मार्ट सिटी के नाम पर आदिवासी- मूलवासी को विस्थापित करने की साजिश रच रही है ताकि राज्य आदिवासी-मूलवासी का अस्तित्व मिट जाए। विधायक ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राची को स्मार्ट सिटी बनाने के लिए शिलान्यास किया गया है। सरकार को पहले गावों का कैसे विकास करें यह सोचने की जरूरत है। विधायक ने कहा कि बिहार से अलग झारखंड राज्य का गठन यहा के आदिवासी-मूलवासी के विकास
के लिए हुआ था। यहा के लोगों को सभी वर्ग में भागीदारी मिले परंतु राज्य
की भाजपा सरकार यहा के लोगों को विस्थापित कर बाहर के लोगों का विकास करना चाहती है। आदिवासियों-
मूलवासियों को उपेक्षित करने का आरोप लगाते हुए विधायक ने कहा कि सरकार यहा के आदिवासी-मूलवासी को पहले स्थानीय नीति के नाम पर छला है। अब राची में शहरी क्षेत्र में बसे चंद आदिवासी मूलवासी को स्मार्ट सिटी के नाम पर ही विस्थापित कर अस्तित्व मिटाने पर तुली हुई है। विधायक सोरेन ने कहा कि राज्य में जनता त्राहि-त्राही कर रही है। नवजात काल के गाल में समा रहे हैं जबकि सरकार स्मार्ट सिटी बनाने में व्यस्त है।
