यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 27, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
जलपाईगुड़ी अस्पताल में केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय का दौरा
- राज्य सरकार से बातचीत करके पूरी रिपोर्ट केन्द्र सरकार के समक्ष पेश किया जाएगा : जी के पांडे - जल

- राज्य सरकार से बातचीत करके पूरी रिपोर्ट केन्द्र सरकार के समक्ष पेश किया जाएगा : जी के पांडे
- जलपाईगुड़ी के बाद अलीपुरद्वार व कूचबिहार जिले का भी होगा दौरा
जागरण संवाददाता, जलपाईगुड़ी : उत्तर बंगाल के विभिन्न जिलों में इंसेफ्लाइटिस रोग से मरने का सिलसिला जारी है। इस रोग से निपटने के लिए जिला स्वास्थ्य विभाग क्या पहल कर रही है। इसे देखने के लिए सोमवार को केन्द्रीय स्वास्थ्य व परिवार कल्याण मंत्रालय के हेल्थ हाइजिनिक विभाग के प्रतिनिधि दल ने जलपाईगुड़ी जिला अस्पताल का दौरा किया। इस दौरान केन्द्रीय प्रतिनिधि दल ने जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ बैठक की।
बैठक के बाद केन्द्रीय प्रतिनिधि दल की ओर से जी के पांडे (डायरेक्टर आफ इंस्टीच्यूट आफ हाइजिन एंड पब्लिक हेल्थ) ने कहा कि हमलोग राज्य सरकार के साथ बातचीत करके पूरी रिपोर्ट केन्द्र सरकार को सौपेंगे। आज हमलोगों ने जलपाईगुड़ी सदर अस्पताल के विभिन्न वार्डो का दौरा किया। राज्य सरकार इस रोग से बचने के लिए क्या क्या कदम उठा रही है। उसकी छानबीन की। उन्होंने आगे कहा कि जलपाईगुड़ी के बाद हमलोग अलीपुरद्वार, कूचबिहार अस्पताल का दौरा करेंगे। इंसेफ्लाटिस रोग को लेकर राज्य सरकार की गोपनीय रिपोर्ट के प्रसंग में उन्होंने कहा कि अधिकांश तौर पर मीडिया को साथ लेकर चलना पड़ता है। लेकिन कुछ कुछ चीजों को मीडिया से गोपनीय रखना पड़ता है। इस प्रतिनिधि दल में जी के पांडे, सुस्मिता बनर्जी एवं डॉ खापर एवं डॉ आनंद शामिल है।
गौरतलब है कि इस वर्ष जनवरी से लेकर अब तक इंसेफ्लाइटिस से मरने वालों मरीजों की संख्या 37 पहुंच गई है। जिनमें 16 मरीजों की मौत जापानी इंसेफ्लाइटिस से हुई है, जबकि 21 मरीजों की मौत एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम से हुई है। सिर्फ जुलाई महीने में अब तक 24 मरीजों की मौत इंसेफ्लाइटिस से हो चुकी है। इनमें 13 मरीजों की मौत जापानी इंसेफ्लाइटिस व 11 मरीजों की मौत एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम से हुई है।
