यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 14, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बहुत देर हो जाती है रिपोर्ट आते आते
फोटो संभावित : सांसद बोले : अस्पताल में पड़ी एलाइजा मशीन का नहीं हो रहा समुचित उपयोग -सदर अस्पताल

फोटो संभावित : सांसद बोले : अस्पताल में पड़ी एलाइजा मशीन का नहीं हो रहा समुचित उपयोग
-सदर अस्पताल में हुई जापानी इंसेफ्लाइटिस को लेकर प्रशासनिक बैठक
जागरण संवाददाता, जलपाईगुड़ी : जापानी इंसेफ्लाइटिस का प्रकोप बढ़ने के साथ ही जिला प्रशासन पर दबाव बढ़ने लगा है। इसी के मद्देनजर मंगलवार को सदर अस्पताल में एक प्रशासनिक बैठक की गई जिसमें मुख्य रुप से जिलाधिकारी पृथा सरकार, सांसद विजय चंद्र बर्मन, जिला परिषद की सभाधिपति नूर जहां बेगम और सीएमओ डॉ. प्रकाश मिर्धा शरीक हुए। इसी दौरान सांसद एवं जिला रोगी कल्याण समिति के चेयरमैन विजय चंद्र बर्मन ने नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि सदर अस्पताल में टेस्ट के लिए एलाइजा मशीन रहते हुए स्वाब के नमूने पुणे भेजे जाते हैं जिससे उनकी रिपोर्ट आने में काफी विलंब हो जाता है। जब तक रिपोर्ट आती है तब तक मरीज की मौत तक हो जाती है। कई जन प्रतिनिधियों ने इस तर्क की कड़ी आलोचना की कि खर्च के मद्देनजर एलाइजा मशीन का उपयोग नहीं किया जाना कहां तक उचित है। उल्लेखनीय है कि बुधवार से जिला स्वास्थ्य विभाग, जिला प्रशासन और जिला परिषद इंसेफ्लाइटिस ज्वर के प्रति लोगों में जागरुकता अभियान शुरु करने जा रहे हैं। वहीं, अभी तक विगत जनवरी से 14 जुलाई तक जलपाईगुड़ी जिले में छह मरीजों की मौत इंसेफ्लाइटिस से हो चुकी है।
सांसद ने आरोप लगाया कि जिला स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि न्यूनतम आठ मरीजों का स्वाब के नमूने मिलने पर ही अस्पताल में टेस्ट करना खर्चीला है। इसीलिए नमूने पुणे स्थित वृहद जीवाणु अनुसंधान केंद्र भेजना पड़ता है। लेकिन देखने में आया है कि दो तीन मरीजों की मौत रिपोर्ट आने से पूर्व ही हो चुकी थी। हालांकि उन्होंने माना कि सदर अस्पताल मरीजों के इलाज में किसी तरह की कोर कसर नहीं रख छोड़ा है। इस नियम पर सांसद ने कड़ी आपत्ति की है। वहीं, जिला परिषद की सभाधिपति नूर जहां बेगम ने बताया कि जनवरी से अभी तक जिला अस्पताल में दो, उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में चार मरीजों की मौत हो चुकी है। जिला परिषद फ्लेक्स, पर्चा, बैनर व केबल टीवी के जरिए प्रचार शुरु करेगी। नगर-प्रमुख मोहन बोस ने कहा कि शहर को जल्द ही सूअर से मुक्त कर दिया जाएगा।
इस संबंध में सीएमओ डॉ. प्रकाश मिर्धा ने बताया कि एक साथ आठ मरीजों से कम की जांच करने से एलाइजा मशीन की लागत ज्यादा आती है। इसीलिए स्वाब टेस्ट के नमूनों को पुणे भेजना पड़ता है। बैठक में सीएमओ प्रकाश मिर्धा, एसडीओ, बीडीओ, पंचायत समिति के सभापति, सर्व शिक्षा मिशन के अधिकारी भी शामिल हुए।
