यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 28, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मस्तिष्क ज्वर से श्रमिक की मौत

नागराकाटा : इंसेफलाइटिज महामारी का शिकार हो गए सानिया प्रजा 90। शनिवार की सुबह उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज में उनकी मौत हो गई। वह केरन चाय बागान के मद्रासी लाइन के निवासी थे। पारिवारिक सूत्र के अनुसार बीते 21 जुलाई को वे ज्वर से पीड़ित हुए। बिना इलाज के दो दिनों तक उन्हें घर में रखने के बाद 23 जुलाई को उन्हें बागान के अस्पताल ले जाया गया। उसी रोज उन्हें पहले सुलकापाड़ा प्रखंड अस्पताल और फिर माल महकमा अस्पताल में भर्ती कराया गया। 25 जुलाई को उन्हें उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया जहां सुबह दस बजकर पचास मिनट पर उनकी मृत्यु हो गई। मृतक की नातिन पूजा तांती ने कहा कि दादा जी को पहले केरन बागान अस्पताल ले जाया गया। उस समय वे बेहोश थे। उसके पूर्व उन्होंने प्रचंड सिर दर्द की शिकायत की थी। उल्टी भी हो रही थी। केरन बागान अस्पताल के चिकित्सक डॉ. प्रदीप घटक ने कहा कि हर रोज डेढ़ सौ श्रमिक परिवार के सदस्य बुखार के लक्षणों के साथ अस्पताल आ रहे हैं।
