यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 16, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इंसेफ्लाटिस से तीन और मरे
-मृतकों की संख्या हुई 27, पांच बच्चों समेत इंसेफ्लाइटिस पीड़ित 18 मरीज एनबीएमसीएच में भर्ती जागरण

-मृतकों की संख्या हुई 27, पांच बच्चों समेत इंसेफ्लाइटिस पीड़ित 18 मरीज एनबीएमसीएच में भर्ती
जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज व अस्पताल पिछले 24 घंटे के दौरान तीन और इंसेफ्लाइटिस पीड़ित मरीज की मौत हो चुकी है। एनबीएमसीएच के आधिकारिक सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार दो मरीजों की मौत जापानी इंसेफ्लाइटिस से हुई है, जबकि एक मरीज की मौत एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम से हुई है। जुलाई महीने में अब तक 14 मरीजों की मौत इंसेफ्लाइटिस से हो चुकी है। इनमें नौ मरीजों की मौत जापानी इंसेफ्लाइटिस व चार की मौत एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम से हुई है। इस तरह से एक जनवरी से लेकर अब तक एनबीएमसीएच में इंसेफ्लाइटिस से मरने वाले मरीजों की संख्या 27 हो गई है। जिनमें 12 मरीजों की मौत जपानी इंसेफ्लाइटिस से हुई है। अभी भी इंसेफ्लाइटिस पीड़ित 18 मरीज एनबीएमसीएच में भर्ती हैं। इनमें पांच बच्चे भी शामिल हैं। चार मरीजों की हालत गंभीर है, जिन्हें क्रिटीकल केयर यूनिट (सीसीयू) में रखा गया है।
एनबीएमसीएच सूत्रों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार अलीपुरद्वार जिले के बिरपाड़ा निवासी सुमित्रा उरांव (45) को इस महीने छह जुलाई को एनबीएमसीएच में भर्ती कराया गया था, जिसकी मौत गुरुवार को हो गई, वहीं कूचबिहार जिले के घोक्साडांगा निवासी अजीत मोदक (42) को 13 जुलाई को एनबीएमसीएच में भर्ती कराया गया था। मोदक की भी आज ही सुबह मौत हो गई। ये दोनों मरीज जापानी इंसेफ्लाइटिस से पीड़ित थे। जबकि एक अन्य मरीज कूचबिहार जिले के ही मेखलीगंज निवासी अबू तालेब की मौत एक्यूट इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोस से हुई है। तालेब को 13 जुलाई को एनबीएमसीएच में भर्ती कराया गया था।
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