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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

सिलीगुड़ी आई केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम

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Published: Wed, 23 Jul 2014 09:43 PM (GMT+05:30)

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जागरण संवाददाता, सिलीगुड़ी : उत्तर बंगाल में जानलेवा बीमारी इंसेफ्लाइटिस हर रोज हो रही मौतों को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय की एक टीम बुधवार को यहां पहुंची। टीम के सदस्यों ने यहां पहले से मौजूद नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायोरोलॉजी, पुणे के विशेषज्ञों टीम के साथ इंसेफ्लाइटिस से प्रभावित क्षेत्रों का दौरा किया। उधर चार और मौतों के साथ यहां इस बीमारी से मरने वालों की संख्या 73 हो गई है। इसे लेकर जिलाधिकारी ने भी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की है।

उल्लेखनीय है कि इंसेफ्लाइटिस से लगातार हो रही मौतों के चलते सूबे की राजधानी कोलकाता से लेकर दिल्ली तक हड़कंप मचा हुआ है। इधर उत्तर बंगाल मेडिकल कॉलेज अस्पताल में इंसेफ्लाइटिस के नए मरीजों के भर्ती होने का क्रम लगातार जारी है। एनबीएमसीएच प्रशासन से मिली जानकारी के अनुसार सात जुलाई से लेकर अब तक जापानी इंसेफ्लाटिस से 18 तथा इंसेफ्लाइटिस सिंड्रोम से 55 मरीजों की मौत हुई है। मेडिकल अस्पताल के अधीक्षक डॉ अमरेंद्र नाथ सरकार ने बताया कि एनबीएमसीएच में अभी भी इंसेफ्लाइटिस के 42 मरीज भर्ती हैं। इनमें 10 बच्चे भी हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए ही केंद्र सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय की टीम को यहां भेजा गया है। इस टीम में चार सदस्य हैं। टीम ने देर शाम एनबीएमसीएच पहुंच कर इंसेफ्लाइटिस संबंधी जानकारी प्राप्त की और नेशनल इंस्टीट्यूट आफ वायोरोलॉजी, पुणे से आई विशेषज्ञ टीम के साथ इंसेफ्लाइटिस प्रभावित क्षेत्रों के दौरे पर जलपाईगुड़ी गए। टीम में वैज्ञानिक योगेश गौरव व तकनीशियन वसंत वालकोली शामिल हैं।