विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 09, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

कूचबिहार में इंसेफ्लाइटिस से सात की मौत, 26 मरीजों का चल रहा इलाज

By Edited By:
Published: Thu, 09 Jul 2015 07:53 PM (IST)

संवाद सहयोगी, कूचबिहार : जिले में मच्छरों से फैलने वाली इंसेफ्लाइटिस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। जिले

News Article Hero Image

संवाद सहयोगी, कूचबिहार : जिले में मच्छरों से फैलने वाली इंसेफ्लाइटिस का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। जिले में पिछले मई से अबतक सात इंसेफ्लाइटिस के मरीजों की मौत हो चुकी है। इनमें दो मरीजों की मौत जापानी इंसेफ्लाइटिस से होने की पुष्टि स्वास्थ्य विभाग ने की है। वर्तमान में कुल 26 इंसेफ्लाइटिस पीड़ित मरीज जिले में हैं। इनमें से अधिकतर का उत्तर बंग मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में चल रहा है। गुरुवार को कूचबिहार दो नंबर प्रखंड के खोलटा मरीचबाड़ी इलाके के निवासी एवं संदिग्ध जापानी इंसेफ्लाइटिस पीड़ित जयंती राय कार्जी 38 को एमजेएन अस्पताल के क्रिटिकल केयर यूनिट में भर्ती कराया गया है। स्थिति को ध्यान में रखते हुए गुरुवार को एमजेएन अस्पताल में लिे के सह मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी डा. श्यामल सोरेन के नेतृत्व में चिकित्सकों की एक विशेष बैठक की गई। जिला स्वास्थ्य विभाग के सूत्रों के मुताबिक वर्तमान में जिले के करीब सभी महकमे में एक से 15 वर्ष के बच्चों व किशोर को जापानी इंसेफ्लाइटिस का टीका लगाया गया है। जिले के बामनहाट एवं गोसानीमारी इलाके में दो अधेड़ों की जापानी इंसेफ्लाइटिस से मौत होने की खबर मिली है। वे उत्तर बंग मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में भर्ती थे। इधर, एमजेएन अस्पताल में चिकित्सकों की विशेष बैठक के बाद अस्पताल अधीक्षक जयदेव बर्मन ने बताया कि बुखार पीड़ितों के लिए अस्पताल में एक फिवर क्लिनिक अलग से खोला गया है। गुरुवार को जापानी इंसेफ्लाइटिस के संदिग्ध मरीज की भर्ती हुई है। उसकी खून की जांच की जा रही है। साथ ही विशेष निगरानी रखी जा रही है। जिले के सहायक मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी दो डा. श्यामल सोरेन ने बताया कि यह बुखार फैल नहीं सके इसके लिए हर संभव सतर्कता बरती जा रही है। इसके बावजूद दो लोग जापानी इंसेफ्लाइटिस से पीड़ित हुए हैं। कुल 26 संदिग्ध इंसेफ्लाइटिस मरीजों के इलाज की व्यवस्था जिला अस्पताल में ही की जाए इसके लिए चिकित्सकों को लेकर एक बैठक की गई है। एमजेएन अस्पताल में ही जापानी इंसेफ्लाइटिस मरीजों की रक्त जांच की व्यवस्था की गई है।