यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 03, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिनहाटा में कम हो रही मरीजों की तादाद

संवाद सूत्र, दिनहाटा : एक तरफ जहां उत्तर बंगाल के कई जिलों में तेज बुखार एवं मस्तिष्क ज्वर से मरने वाले मरीजों की संख्या एक सौ से उपर हो गई है वहीं, दिनहाटा महकमा अस्पताल के फीवर क्लिनिक में आने वाले मरीजों की संख्या दिनोंदिन कम हो रही है। वहीं, आम जनता में जापानी इंसेफ्लाइटिस महामारी के प्रति जागरुकता लाने के लिए दिनहाटा शहर में तृणमूल युवा की ओर से पर्चा वितरण के जरिए प्रचार अभियान शुरु कर दिया गया है।
रविवार को अवकाश के दिन दिनहाटा अस्पताल के फीवर क्लिनिक में ओपीडी में आकर दवा ले जाने वाले मरीजों की संख्या 14 थी। 26 जुलाई को अस्पताल में फीवर क्लिनिक चालू किया गया। अस्पताल सूत्र के अनुसार उसके बाद से क्रमश: मरीजों की संख्या बढ़ रही थी। लेकिन एक अगस्त से इनकी संख्या कम होने से स्वास्थ्य विभाग ने राहत की सांस ली है। फीवर क्लिनिक के प्रभारी चिकित्सक डॉ. उज्ज्वल आचार्य ने बताया कि 28 जुलाई को 28 मरीज, 29 को 34, 30 को 44 जबकि 31 जुलाई को 36 मरीजों ने क्लिनिक से दवा ली। इसके बाद एक अगस्त को यहां 14 मरीज, दो को 12 और तीन अगस्त को 14 मरीजों ने क्लिनिक से दवा ली। उन्होंने बताया कि यह आंकड़ा ही बताता है कि हालांकि शुरुआती दौर में मरीजों की संख्या बढ़ी थी लेकिन 31 जुलाई से इनकी तादाद में लगातार कमी आती गई।
उधर, आम जनता को इस महामारी के प्रति जागरुक करने के मकसद से शहर में इस रोज तृणमूल युवा की ओर से प्रचार अभियान चलाया गया। संगठन की दिनहाटा नगर-प्रखंड के पक्ष से शहर के पांचमाथा मोड़ इलाके में हजारों पर्चो का वितरण किया गया। इस मौके पर उपस्थित थे संगठन की ओर से तृकां नेता पार्थनाथ सरकार, दिनहाटा नगरपालिका में विरोधी नेता रवींद्र दे, संगठन के जिला व महकमा इकाई के पक्ष से तापस बर्मन, शैवाल मित्र।
