यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 29, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बीएमसीएच में दो दिन में आठ बच्चों की मौत

संस, वर्द्धमान : वर्द्धमान मेडिकल कॉलेज अस्पताल में दो दिन में आठ बच्चों की मौत से सनसनी व्याप्त है। कई परिजन इस घटना के लिए अस्पताल प्रबंधन को दोषी ठहरा रहे हैं। जबकि अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि गंभीर हालत में इलाजरत बच्चों की ही मौत हुई है।
बताया जाता है कि अस्पताल में बच्चों की मौत का सिलसिला मंगलवार से शुरू हुआ। मंगलवार को शिशु विभाग में बुखार से भर्ती तीन माह के शिशु जीत पाल की मौत हो गई, जो कालना का निवासी था। इसके अलावा रायना के काजोहारा अधिकारी के दस दिन के शिशु, वर्द्धमान निवासी मंदिर घोष एवं दया बाउरी के शिशुओं की मौत मंगलवार को हुई थी। जबकि बुधवार की सुबह वीरभूम निवासी संजय बागदी के पुत्र नयन बागदी की मौत बुखार से हो गई, इसके अलावा अन्य तीन बच्चों की भी मौत अस्पताल में हुई। संजय बागदी ने बताया कि टायफाइड से वह बीमार था। दो दिन पहले उसे अस्पताल में भर्ती करवाया था। परंतु डॉक्टरों ने सही ढंग से इलाज नहीं किया, जिससे उसकी मौत हुई। वहीं शेख सलीम ने बताया कि उसकी भी बच्ची की मौत डॉक्टरों की लापरवाही से हुई। जबकि अस्पताल के अधीक्षक उत्पल दा ने कहा कि परिजनों का आरोप गलत है। अधिकांश बच्चों का जन्म समय से पहले मौत हो गया था। इसके अलावा जिन बच्चों की मौत हुई है वे लोग गंभीर हालत में अस्पताल आए थे। परिजनों ने जो शिकायत की है, उसकी भी जांच की जाएगी। अगर डॉक्टर या नर्स का व्यवहार ठीक नहीं होगा तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
