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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 05, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बारिश से लुढ़का पारा, उमस ने किया बेहाल

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Published: Mon, 05 May 2014 06:43 PM (IST)

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मैनपुरी : रविवार की रात मौसम ने अचानक फिर पलटी मार दी। आधी रात के बाद उठी काली घटाएं अचानक रिमझिम बरस पड़ीं। बिन मौसम हुई बरसात ने भले ही लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत दी, लेकिन किसानों की चिंता और बढ़ गई है।

बीती रात हुई हल्की बारिश से मौसम का तल्ख हो रहा मिजाज थोड़ा ठंडा पड़ गया। दो दिन पहले जहां तापमान 43 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया था, वहीं सोमवार को दोपहर का तापमान 10 डिग्री नीचे गिरकर 33 डिग्री सेल्सियस हो गया। दिन भर बादलों की लुकाछिपी के कारण धूप का असर कम रहा।

बारिश की वजह से ग्रामीण इलाकों में किसानों के सामने विषम परिस्थिति पैदा हो गई हैं। खेतों में पड़ी गेहूं की फसल भीग जाने के कारण सोमवार को उसकी कटाई नहीं हो सकी। गांव नगला पाई निवासी राधेश्याम का कहना है कि गेहूं की कटाई के बाद सारे बोझ खेतों में ही रख दिए थे। अब बरसात की वजह से अनाज भीग गया है। जब तक वह सूख नहीं जाता, कटाई नहीं हो पाएगी।

नगला गोवर्धन निवासी मनोहर लाल, कछपुरा निवासी राधेश्याम और अजीतगंज निवासी संजय सिंह ने बताया कि इन दिनों गेहूं की कटाई जोर-शोर से चल रही है। न तो मजदूर मिल पा रहे हैं और न ही थ्रेसर। ऐसे में अधिकांश किसानों की फसलें अभी कटाई को खेतों पर ही पड़ी हुई हैं।

किसानों का कहना है कि यदि पुरवइया हवा चलती है, तो खेतों में पड़ा भूसा उड़ जाएगा। सोमवार को धूप निकलने के बाद किसान अपने परिवार के साथ दिन भर खेतों में फसल को सुखाने और भूसा कूपों तक पहुंचाने में लगे रहे।

गर्मी ने बढ़ाए अस्पताल में मरीज

मैनपुरी : गर्मी की तपिश ने एकाएक रोगियों की संख्या में इजाफा कर दिया है। इस बीच सोमवार को बुखार से एक वृद्धा की मौत हो गई।

महाराजा तेजसिंह राजकीय जिला चिकित्सालय में सोमवार को 838 रोगी उपचार के लिए पहुंचे। यहां चिकित्सक के कमरों में लंबी लाइनें लग गई। घंटों लाइन में लगे मरीज और तीमारदार धक्कामुक्की भी करने लगे। सीएमएस ने फिजीशियन कक्ष में लगी लाइन को देखते हुए दो चिकित्सकों को बैठाया।

उधर, दन्नाहार क्षेत्र के गांव कपूरपुर निवासी कुंवरसेन की पत्‍‌नी बिटोला देवी कई दिनों से बुखार से पीड़ित थीं। परिजनों द्वारा पड़ोस के ही चिकित्सकों से उनका इलाज कराया जाता रहा। लाभ न होने पर उन्हें जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया। जहां उपचार के दौरान मौत हो गई।