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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

केदारनाथ को सुरक्षा देगी नौ मीटर ऊंची दीवार

By sunil negiEdited By:
Published: Sun, 04 Sep 2016 10:56 AM (IST)Updated: Tue, 04 Oct 2016 07:00 AM (IST)

केदारनाथ को सुरक्षित बनाने की कवायद जारी है। मंदाकिनी और सरस्वती नदी के संगम के पास नौ मीटर ऊंची और ...और पढ़ें

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रुद्रप्रयाग, [जेएनएन]: केदारनाथ को सुरक्षित बनाने की कवायद जारी है। इसी क्रम में मंदाकिनी और सरस्वती नदी के संगम के पास नौ मीटर ऊंची और 60 मीटर लंबी कंक्रीट की दीवार का निर्माण किया गया है। इसके अलावा मंदिर के ठीक पीछे बन रही दीवार का काम भी अंतिम चरण में है।

वर्ष 2013 की सरस्वती नदी और मंदाकिनी में आए सैलाब से केदारनाथ में सौ से ज्यादा भवन ध्वस्त हो गए थे। यहां तक कि चौराबाड़ी झील के टूटने से केदारनाथ मंदिर को भी खासा नुकसान पहुंचा। इसके बाद सरकार ने यहां बाढ़ सुरक्षा दीवार बनाने का निर्णय लिया और निर्माण की जिम्मेदारी नेहरू पर्वतारोहण (निम) को सौंपा गई।

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निम ने दोनों नदियों के संगम पर सुरक्षा दीवार का निर्माण कार्य पूरा कर लिया है। निम के मीडिया प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि मंदिर के पीछे बन रही बाढ़ सुरक्षा दीवार का निर्माण भी लगभग पूरा हो गया है। उम्मीद है कि दस दिन में कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि केदारनाथ में द्वितीय चरण के काम लगभग पूरे हो चुके हैं।

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इनके तहत हट का निर्माण, मंदिर से मंदाकिनी व सरस्वती नदी तक पैदल मार्ग को पचास फीट चौड़ा करना, मंदिर परिसर में आस पास क्षतिग्रस्त भवनों का मलबा हटाना आदि शामिल हैं। तृतीय चरण में केदारनाथ में मास्टर प्लान के तहत भवनों का निर्माण किया जाना है।

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