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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 18, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

प्रावि के प्रधानाध्यापक बन गए जूहा प्रधानाध्यापक

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Published: Fri, 18 Oct 2013 10:02 PM (IST)Updated: Fri, 18 Oct 2013 10:04 PM (IST)

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पिथौरागढ़ : शिक्षा विभाग अपनी हरकतों को लेकर हमेशा चर्चा में रहता है। यहां पर नियमों से अधिक राजनीतिक हस्तक्षेप प्रभावी रहता है। इसका नमूना इन दिनों जूनियर हाईस्कूलों के प्रधानाध्यापक पदों पर देखने को मिल रहा है। जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों के होते हुए सीधे प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को जूनियर हाईस्कूलों का प्रधानाध्यापक बना दिया जा रहा है।

विभाग की इस कार्यप्रणाली से जूनियर हाईस्कूल शिक्षकों में रोष व्याप्त है। जूहा शिक्षक संघ का कहना है कि विभाग जूनियर हाईस्कूल के शिक्षकों का समायोजन तो कर नहीं रहा ऊपर से नियम विरुद्ध कुछ संगठनों के दबाव में आकर प्राथमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को सीधे जूनियर हाईस्कूलों का प्रधानाध्यापक बना रहा है। शिक्षक संगठन का कहना है कि नियमानुसार पदोन्नति तिथि के आधार पदोन्नति होती है। यहां इस नियम को ताक पर रख कर मूल नियुक्ति से पदोन्नति की जा रही है। जिसमें भारी खामियां और अनियमितताएं हैं। शिक्षकों ने प्राथमिक विद्यालय के प्रधानाध्यापक पद से हुई पदोन्नतियों को अविलंब निरस्त करने की मांग की है।

इस संबंध में शुक्रवार को जूहा शिक्षक संघ की बैठक हुई। इसमें संघ के जिलाध्यक्ष राजेन्द्र सिंह मेहता ने कहा कि विभाग पदोन्नति में अब उल्टी गंगा बहाने लगा है। वर्षाें से जूनियर हाईस्कूलों में तैनात शिक्षकों के साथ घोर अन्याय किया जा रहा है। उनको पदोन्नति नहीं देकर उनके हक मारे जा रहे हैं। विभाग की इस कार्यप्रणाली के खिलाफ मुख्य शिक्षा कार्यालय पर अनिश्चितकालीन तालाबंदी और धरना शुरू करने को कहा। उनके आह्वान पर जूहा शिक्षक एक दो दिन बाद आंदोलन में कूदने का मन बना चुके हैं।

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