यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 04, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
उत्तराखंड में राहत की बारिश, बुझी जंगलों की आग, पढ़ें...
मौसम के करवट बदलने से उत्तराखंड में आमजन के साथ ही जंगलों की आग से परेशान वन विभाग को भी ...और पढ़ें

देहरादून। मौसम के करवट बदलने से उत्तराखंड में आमजन के साथ ही जंगलों की आग से परेशान वन विभाग को भी कुछ राहत मिली है। मंगलवार रात और फिर आज बुधवार को हुई बारिश से जंगल की आग के तेवर नरम पड़े हैं। यह मौसम का ही असर रहा कि पौड़ी और नैनीताल में डेरा डाले वायुसेना के एमआई-17 हेलीकॉप्टरों को आज उड़ान नहीं भरनी पड़ी।
पांच जिलों में आग पर काबू पा लिया गया। हालांकि, आज राज्यभर में 90 घटनाओं में 253 हेक्टेयर जंगल प्रभावित हुआ। इस बीच मंगलवार रात को सूबे के अनेक स्थानों पर कहीं हल्की बारिश और कहीं बूंदाबांदी ने उम्मीद की किरण जगाई। कई जगह आग बुझ भी गई।
हालांकि, आज कई जगह आग भड़की और एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, वन विभाग के साथ ही अन्य विभागों के कार्मिक आग बुझाने में जुटे रहे। कुमाऊं मंडल के बूबूधाम के मिश्रित वन क्षेत्र में आग इतनी विकराल हुई कि वनकर्मी भी बेबस नजर आए। आनन फानन में होमगार्ड के जवानों और स्थानीय लोगों की मदद ली गई।
शाम को पौड़ी, उत्तरकाशी, हल्द्वानी, नैनीताल, पिथौरागढ, अल्मोड़ा, चमोली व देहरादून जनपदों में बारिश ने राहत दे दी। इन क्षेत्रों में बारिश से आग पर अंकुश लगा है। हालांकि, वन विभाग का कहना है कि नैनीताल, पौड़ी, टिहरी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ और देहरादून जनपदों के घाटियों वाले क्षेत्र ज्यादा संवेदनशील हैं।
जंगल की आग
| मौत | 10 |
| घायल | 16 |
| घटनाएं | 1681 |
| प्रभावित क्षेत्र | 3718.94 हेक्टेयर |