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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 17, 2016 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

इस बार साढ़े तेरह लाख श्रद्धालुओं ने किए पांच धाम के दर्शन

By BhanuEdited By:
Published: Thu, 17 Nov 2016 02:08 PM (GMT+05:30)Updated: Thu, 17 Nov 2016 04:39 PM (GMT+05:30)

इस बार चार धाम समेत पांचवें धाम के रूप में पहचान रखने वाले हेमकुंड साहिब के दर्शनों को कुल 13 ...और पढ़ें

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ऋषिकेश, [दुर्गा नौटियाल]: तीन साल बाद काफी हद तक पटरी पर लौट चुकी उत्तराखंड हिमालय की प्रसिद्ध चार धाम यात्रा भविष्य के लिए उम्मीद जगा गई। इस बार बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री समेत पांचवें धाम के रूप में पहचान रखने वाले हेमकुंड साहिब के दर्शनों को कुल 13 लाख 35 हजार 239 श्रद्धालु पहुंचे। बदरीनाथ धाम में ही कपाट बंदी के मौके पर देश-विदेश के पांच हजार से अधिक यात्री मौजूद रहे।
केदारघाटी सहित चारधाम यात्रा मार्गों पर जून 2013 में आई आपदा के बाद सूबे में तीर्थाटन व पर्यटन की रीढ़ ही टूट गई थी। आपदा का असर इस कदर प्रभावी रहा कि वर्ष 2014 व 2015 में चारधाम दर्शनों को पहुंचने वाले यात्रियों की संख्या गिनती की रह गई।

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मगर, इस वर्ष चारधाम यात्रा की बेहतरीन तैयारी और आपदा प्रबंधन के सही इंतजामों का असर यह रहा कि चारधाम यात्रा आपदा के जख्मों से काफी हद तक उबरती नजर आई। इस वर्ष आपदा के बाद रेकार्ड तीर्थयात्री चारधाम दर्शनों को पहुंचे।
राज्य सरकार ने वर्ष 2013 की आपदा में हजारों लोगों के हताहत होने के बाद सबक लेते हुए चारधाम यात्रियों के पंजीकरण की व्यवस्था सुनिश्चित की। इसकी गवाही चारधाम पहुंचे यात्रियों के आंकड़े दे रहे हैं। यात्रियों के फोटो मैट्रिक पंजीकरण का काम संभालने वाली त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम इंडिया लि. के क्षेत्रीय प्रभारी श्रीनिवास एम. ने बताया कि इस वर्ष चारधाम यात्रा पर आए पांच लाख 90 हजार 132 यात्रियों ने पंजीकरण कराने के बाद धामों में दर्शन किए। जबकि, वर्ष 2014 में चार लाख 60 हजार 531 यात्री ही चारधाम पहुंचे थे। वर्ष 2013 में यह संख्या मात्र एक लाख 73 हजार 709 रही।

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सोलह स्थानों पर हुआ पंजीकरण
चारधाम सहित हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए यात्रियों का फोटो मैट्रिक पंजीकरण करने वाली संस्था त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम ने इस वर्ष यात्रा मार्ग के कुल 16 स्थानों पर पंजीकरण केंद्रों की व्यवस्था की थी। इन केंद्रों में से अकेले ऋषिकेश बस अड्डा स्थित केंद्र पर ही दो लाख 30 हजार 456 यात्रियों ने पंजीकरण कराया। इस वर्ष 7112 विदेशी यात्री भी चारधाम दर्शन को पहुंचे।

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डाटा बैंक का सरकार को होगा फायदा
आपदा के बाद राज्य सरकार ने चारधाम यात्रियों के पंजीकरण की जो व्यवस्था लागू की है, उससे एक बेहतरीन डाटा बैंक सरकार को मिल रहा है। त्रिलोक सिक्योरिटी सिस्टम के रीजनल हेड श्रीनिवास एम. ने बताया कि पंजीकरण के साथ यात्रियों के मोबाइल नंबर भी लिए गए, जिन पर यात्रा मार्ग व मौसम से संबंधित मैसेज से यात्रियों को अलर्ट किया जाता रहा। अब ऑफ सीजन में सरकार चाहे तो इन नंबरों पर चारधाम व हेमकुंड यात्रा से जुड़ी अन्य जानकारियों व आगामी यात्रा की तैयारियों को भी मैसेज के रूप में साझा कर सकती है।
पंजीकृत श्रद्धालुओं की संख्या
यमुनोत्री------------------212809
गंगोत्री--------------------253716
केदारनाथ----------------393702
बदरीनाथ-----------------402486
हेमकुंड साहिब------------72526
कुल----------------------1335239
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