यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 23, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ योजना में सिख और मुस्लिम भी शामिल
मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ योजना से अब सरकार ने अल्पसंख्यकों को भी जोड़ दिया है। इसके तहत शासनादेश जारी किया ...और पढ़ें

देहरादून। मेरे बुजुर्ग मेरे तीर्थ योजना से अब सरकार ने अल्पसंख्यकों को भी जोड़ दिया है। इसके तहत शासनादेश जारी किया जा चुका है। अब सिख और मुस्लिम भी अपने धार्मिक स्थल की मुफ्त यात्रा कर सकेंगे।
उत्तराखंड सरकार ने की 65 साल से ज्यादा उम्र के बुजुर्ग के लिए मेरे बुजुर्ग, मेरे तीर्थ योजना चलाई हुई है। इसके तहत गंगोत्री और बदरीनाथ धाम के लिए बुजुर्ग श्रद्धालुओं को मुफ्त यात्रा कराई जाती है। उत्तराखंड सरकार ने इस योजना से सिख और मुस्लिंम तीर्थस्थल भी जोड़ दिए।
यात्रा के तहत अब मुस्लिम यात्रियों को दिल्ली की निजामुदीन ओलिया की दरगाह और सिख बुजुर्ग यात्रियों को चंपावत में रीठा साहिब गुरुद्वारा और उधमसिंह नगर स्थित नानक मत्ता गुरुद्वारा की यात्रा कराई जाएगी। इसके लिए हर जनपद के पर्यटन कार्यालय से यात्री रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। साथ ही उपजिलाधिकारी और बीडीओ कार्यालय में भी आवेदन पत्र जमा होंगे।
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