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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 06, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

उत्तराखंड में बसपा को झटका, कई नेताओं ने छोड़ी पार्टी

By BhanuEdited By:
Published: Thu, 06 Jul 2017 11:19 AM (GMT+05:30)Updated: Thu, 06 Jul 2017 08:52 PM (GMT+05:30)

उत्तराखंड में बसपा प्रदेश प्रभारियों पर पैसे लेने और जनहित के मुद्दों को दरकिनार करने का आरोप लगाते हुए कई नेताओं व पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है।

उत्तराखंड में बसपा को झटका, कई नेताओं ने छोड़ी पार्टी
उत्तराखंड में बसपा को झटका, कई नेताओं ने छोड़ी पार्टी

देहरादून, [जेएनएन]: उत्तराखंड में बसपा को झटका लगा है। बसपा प्रदेश प्रभारियों पर पैसे लेने और जनहित के मुद्दों को दरकिनार करने का आरोप लगाते हुए कई नेताओं व पदाधिकारियों ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने कहा कि पार्टी अब स्वर्गीय काशीराम के मिशन पर नहीं, बल्कि कमीशन के लिए काम कर रही है। 

त्याग पत्र देने वालों में चकराता, राजपुर, रायपुर, धर्मपुर, कैंट से प्रत्याशी रहे क्रमश: दौलत कुंवर, जगराम सिंह, हरि सिंह खोरवाल, सलीम अहमद, देवेंद्र सैनी के अलावा पूर्व जिलाध्यक्ष अजयपाल, सूरजभान, पूर्व महानगर अध्यक्ष अनीता वाल्मीकि, पूर्व महानगर उपाध्यक्ष सुमित कुमार, चकराता विधानसभा अध्यक्ष संतपाल, महासचिव भारू निराला, कोषाध्यक्ष दलीप चंद्रा आदि शामिल हैं। 

प्रेस क्लब में पत्रकारों से वार्ता में दौलत कुंवर ने कहा कि जो भी पार्टी के प्रभारी बनाए गए, उन्होंने पार्टी चलाने के लिए हम लोगों से पैसे लिए। जब भी कोई जनहित के मुद्दों पर आंदोलन के माध्यम से आवाज उठाने की बात करता तो उसे पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाया गया। स्थिति ऐसी है कि जिस उद्देश्य को लेकर पार्टी का गठन हुआ था, वर्तमान उन उद्देश्यों से कोई लेना-देना नहीं है।

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