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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 13, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

बारिश थमने पर भी कम नहीं हुई मुसीबत, यमुनोत्री हाईवे बंद

By BhanuEdited By:
Published: Wed, 13 Sep 2017 09:39 AM (IST)Updated: Wed, 13 Sep 2017 09:04 PM (IST)

उत्तराखंड में बारिश थमने के बाद भी मुसीबत कम नहीं हो रही है। भूस्खलन से यमुनोत्री हाईवे बंद पड़ा है। ...और पढ़ें

बारिश थमने पर भी कम नहीं हुई मुसीबत, यमुनोत्री हाईवे बंद
बारिश थमने पर भी कम नहीं हुई मुसीबत, यमुनोत्री हाईवे बंद

देहरादून, [जेएनएन]: उत्तराखंड में चटख धूप के बावजूद सड़कों पर भूस्खलन की मार जारी है। सोमवार शाम करीब सात बजे मलबा आने से बंद यमुनोत्री हाईवे तीसरे दिन भी नहीं खोला जा सका। इससे वहां आठ सौ से ज्यादा यात्री फंसे हैं। यात्रियों को विभिन्न पड़ावों पर रोका गया है। इसके अलावा पिथौरागढ़ जिले के धारचूला में पहाड़ी से गिरे बोल्डर की चपेट में आने से एक सड़क मरम्मत कार्य में जुटे एक श्रमिक की मौत हो गई। श्रमिक नेपाल का रहने वाला था। मौसम विभाग के अनुसार अगले 24 घंटे में कहीं-कहीं हल्की से मध्यम वर्षा के आसार हैं।

उत्तरकाशी के जिलाधिकारी डॉ. आशीष श्रीवास्तव ने बताया कि यमुनोत्री के प्रमुख पड़ाव बड़कोट और यमुनोत्री धाम के बीच ओजेरी नामक स्थान पर लगातार पहाड़ी दरक रही है। मलबा इतना ज्यादा है कि इससे सड़क का करीब 500 मीटर हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया है।

रुक-रुक कर मलबा गिरने के कारण फिलहाल सफाई का काम शुरू नहीं किया जा सका है। उन्होंने कहा कि यात्रियों को स्याना चट्टी और जानकीचट्टी में ठहराया गया है। डीएम ने बताया कि मलबा गिरना बंद हो जाए तो सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) काम शुरू कर पाएगा। हालांकि बदरीनाथ, केदारनाथ और गंगोत्री धाम के लिए यात्रा सुचारु रही।

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