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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 11, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

पूजा के मुहूर्त पर सतपाल को आपत्ति

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Published: Wed, 11 Sep 2013 01:04 AM (GMT+05:30)Updated: Wed, 11 Sep 2013 02:23 AM (GMT+05:30)

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जागरण ब्यूरो, देहरादून

केदारनाथ धाम में 11 सितंबर को पूजा को लेकर स्थानीय लोगों का रोष झेल रही प्रदेश सरकार को अब अपनों की नाराजगी से भी जूझना पड़ रहा है। गढ़वाल सांसद सतपाल महाराज ने कहा कि केदारनाथ में पूजा के लिए वर्तमान मुहूर्त ठीक नहीं है। पूजा नवरात्रों के शुभ मुहूर्त में कराई जानी चाहिए। उन्होंने अपने मत से मुख्यमंत्री को भी अवगत करा दिया है।

अपने आवास पर पत्रकारों से मुखातिब सांसद महाराज ने कहा कि रक्षाबंधन के बाद और नवरात्र से पहले तक मुहूर्त उपयुक्त नहीं है। लिहाजा केदारनाथ धाम में अभी पूजा नहीं कराई जानी चाहिए। इस संबंध में उनकी संतों और पंडितों से भी वार्ता हुई है और उनका मत भी यही है। केदारनाथ धाम में पूजा नवरात्र पर पांच अक्तूबर से कराई जानी चाहिए। पूजा में स्थानीय लोगों की भागीदारी पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा से लेकर तमाम व्यवस्थाओं में स्थानीय लोग बढ़चढ़कर भाग लेते रहे हैं। पूजा के मामले में भी स्थानीय जनता को साथ लेकर चलने की आवश्यकता है। सरकार को जन भावनाओं की कद्र करनी चाहिए। पूजा के नाम पर केदारनाथ में सिर्फ दीपक जलाना ही काफी नहीं है।

उन्होंने कहा कि उक्त संबंध में वह मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से वार्ता कर शुभ मुहूर्त में पूरा कराए जाने की पैरवी कर चुके हैं। मुख्यमंत्री ने बताया कि पूजा की तारीख मंदिर समिति की ओर से तय की गई है। पूजा में सम्मिलित होने के बारे में उन्होंने कहा कि मौसम ठीक रहने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आपदा प्रभावित सीमांत पर्वतीय क्षेत्र के लोगों को मैदानी क्षेत्रों में नहीं बसाया जाना चाहिए। इससे सीमांत क्षेत्र जनविहीन हो जाएगा। उन्होंने सीमांत क्षेत्र के लिए उपयोगी पशुओं की नस्ल को भी प्रोत्साहित करने पर जोर दिया।

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