यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 23, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डायरिया से बालिका की मौत,हड़कंप

रानीखेत/ गरमपानी : अंतरजनदीय सीमा पर डायरिया जानलेवा बन गया है। अस्पताल में भर्ती कराई गई एक बालिका ने कुछ ही देर में दम तोड़, जबकि दो बच्चे जिंदगी के लिए जंग लड़ रहे हैं। इधर बढ़ते प्रकोप के बीच मरीजों की बढ़ती तादाद से हलकान स्वास्थ्य महकमे ने अल्मोड़ा व नैनीताल जनपद की सीमा से सटे सुदूर गांवों में अलर्ट कर दिया है।
अंतरजनपदीय सीमा से सटे सिल्टोना, मझेड़ा व धनियाकोट में डायरिया विकराल रूप लेता जा रहा है। डेढ़ से दो दर्जन मरीज रोजाना सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र स्थित शील हॉस्पिटल खैरना में रोजाना पहुंच रहे थे। मगर अब यह आंकड़ा 40 से 50 तक पहुंचा है। सोमवार को मझेड़ा निवासी भुवन राम की 11 वर्षीय पुत्री निकिता, नौ साल की बबीता व चार वर्षीय पुत्र अर्पित को हालत बिगड़ने पर तत्काल शील अस्पताल में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान बबीता ने दम तोड़ दिया। बाल रोग विशेषज्ञ मेजर डॉ.वीके वर्मा के अनुसार अन्य डायरिया पीडि़तों का उपचार किया जा रहा है। इधर चिकित्साधीक्षक डॉ.हेमंत कुमार आर्या ने भी अस्पताल पहुंच मरीजों का हाल जाना। उन्होंने बताया कि प्रभावित गांवों में सतर्कता बरतते हुए टीम भेजी जाएगी। मौके पर ही उपचार के निर्देश भी मातहतों को दिए हैं।
