यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 20, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
पांच ब्लाकों में 41 नए कुष्ठ रोगी

वाराणसी : कुष्ठ रोग उन्मूलन संबंधी सरकारी दावा फुस्स साबित हुआ। विभाग द्वारा जिले के पांच ब्लाकों में चलाए गए सर्च अभियान में 41 कुष्ठ रोगी पाए गए। इनमें से 10 संक्रामक (मल्टी बैसिलरी यानी एमबी) और 31 असंक्रामक यानी पासी बैसिलरी (पीबी) हैं। इसकी रिपोर्ट गुरुवार को कुष्ठ कर्मियों ने विभाग को दे दी।
कुष्ठ रोगियों की खोज के लिए 10-11 मार्च को संवेदनशील पांच ब्लाकों में पल्स पोलियो की तर्ज पर घर-घर अभियान चलाया गया था। इसमें आंगनबाड़ी व आशा की मदद ली गई थी। संदिग्ध रोगियों की जांच पड़ताल के बाद कुष्ठ रोग विभाग के नान मेडिकल असिस्टेंट (एनएमए) व सुपरवाइजरों (एनएमएस) ने जांच पड़ताल कर पुष्टि की। इसमें चोलापुर ब्लाक में एक एमबी व नौ पीबी, बड़ागांव में तीन एमबी व चार पीबी, काशी विद्यापीठ में दो एमबी व आठ पीबी, चिरईगांव में चार एमबी व सात पीबी और सेवापुरी ब्लाक में तीन पीबी कुष्ठ रोगी हैं। मालूम हो कि कागजी आंकड़ों के आधार पर सरकार ने कुष्ठ पर लगाम मानते हुए 2009 में ही राष्ट्रीय कुष्ठ उन्मूलन कार्यक्रम बंद कर दिया था। हाल के दिनों में जब रोगी मिलने लगे तो पैरों तले से जमीन ही सरक गई।
पखंवारे भर बाद 'हेल्दी कांटेक्ट'
अभियान में पाए गए कुष्ठ रोगियों के घरों के आसपास विभाग द्वारा हेल्दी कांटेक्ट कराया जाएगा। कुष्ठ कर्मी पुष्ट रोगी के घर से लगे 10 घरों में लक्षणों के आधार पर खोज करेंगे ताकि जागरुकता के अभाव या संकोचवश रोगी छिपे न रह जाएं।
26 व 27 को विकलांगता सर्जरी कैंप
इसके अलावा कुष्ठ जनित विकलांगता वाले रोगियों के आपरेशन के लिए 26 व 27 मार्च को स्क्रीनिंग कैंप लगाया जाएगा। जिला कुष्ठ रोग अधिकारी डा. राहुल सिंह ने बताया पहले दिन दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल में 10 से दो बजे तक व दूसरे दिन राजातालाब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में 12 से दो बजे तक जांच होगी। सर्जरी योग्य मरीजों को नि:शुल्क आपरेशन के लिए कुष्ठ रोग विभाग के नैनी स्थित अस्पताल भेजा जाएगा।
