यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 14, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
कोल्ड डायरिया ने ली वृद्धा की जान
उन्नाव, जागरण संवाददाता: ठंड के बढ़ते ही लोग कोल्ड डायरिया के शिकंजे में आने लगे हैं। वहीं जिला अस्प

उन्नाव, जागरण संवाददाता: ठंड के बढ़ते ही लोग कोल्ड डायरिया के शिकंजे में आने लगे हैं। वहीं जिला अस्पताल में बुखार रोगियों की संख्या में भी वृद्धि हो रही है। अस्पताल में कोल्ड डायरिया होने पर भर्ती कराई गई एक वृद्धा की मौत हो गई।
अचलगंज निवासी जमाल की 60 वर्षीय पत्नी गंगादेई को दो-तीन दिन से बुखार आ रहा था। शुक्रवार को उसे उल्टी-दस्त आने लगे तो परिवार के लोगों ने उन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया जहां शनिवार को उनकी मौत हो गई। एक सप्ताह के अंदर कोल्ड डायरिया के 93 रोगी जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। 16 कोल्ड डायरिया पीड़ित रोगी अभी भी भर्ती हैं। कोल्ड डायरिया का सर्वाधिक शिकार बच्चे और बुजुर्ग हो रहे हैं।
क्या कहते हैं डाक्टर
मौसम में परिवर्तन हुआ है। दिन में मौसम सामान्य रहता है और रात में गुलाबी ठंड हो जाती है। लोग ठंड से बचाव को लेकर सर्तक नहीं रहते हैं। इस मौसम में सीजनल बुखार, जुकाम व कोल्ड डायरिया के वायरस तेजी से बढ़ते हैं। दमा और हृदय रोगियों को विशेष सावधान रहना चाहिए क्योंकि ठंड में रक्त का जमाव और फेफड़ों में संक्रमण होने से उन्हें परेशानी बढ़ सकती है। बच्चों और नवजात शिशुओं को निमोनिया भी हो सकता है इससे उनका ठंड में विशेष ख्याल रखें।
डॉ. आलोक पाण्डेय, फिजीशियन
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ऐसे करें बचाव
-नवजात शिशुओं और पांच वर्ष तक के बच्चों को सुबह शाम फुल आस्तीन के ऊनी कपड़े पहनाकर रखें।
-उन्हें ठंडा दूध व पानी आदि न दें। जो बच्चे मां का दूध पी रहे हों उनकी माताएं ठंड से बचाव करें।
-आम लोग सुबह शाम गर्म कपड़ों का उपयोग करें, एसी और कूलर में न लेटे तथा मच्छरों से बचाव करें।
-हृदय और दमा रोगी ठंडे पानी से न नहाएं, फ्रिज के पानी से बचकर रहें। सांस लेने में तकलीफ होने पर डाक्टर को दिखाएं।
