यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 10, 2015 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बुखार से पूर्व प्राचार्य समेत दो की मौत
उन्नाव, जागरण संवाददाता: संक्रामक रोगों का कहर थम नहीं रहा है। नरी गांव में फैले विचित्र बुखार पर स्

उन्नाव, जागरण संवाददाता: संक्रामक रोगों का कहर थम नहीं रहा है। नरी गांव में फैले विचित्र बुखार पर स्वास्थ्य विभाग अभी नियंत्रण नहीं पा सका है, जिससे बुखार ने अब गजौली गांव में पांव पसार दिया है। गजौली में हरिवंशराय बच्चन विधि महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य और एक मासूम बच्ची की बुखार से मौत हो गई। जबकि एक दर्जन से अधिक लोग बीमार हैं। पूर्व प्राचार्य के परिजनों का कहना है कि मौत डेंगू से हुई है। कानपुर के रीजेंसी में कराई गई जांच में इसकी पुष्टि हुई है। हालांकि स्वास्थ्य विभाग डेंगू की पुष्टि होने से इंकार कर रहा है।
गजौली में एक सप्ताह से विचित्र बुखार फैला है। इसकी चपेट में आकर एक दर्जन लोग लखनऊ व कानपुर के अस्पतालों में इलाज करा रहे हैं। भर्ती रोगियों के परिजनों ने बताया कि निजी अस्पतालों में हुई जांच में आधा दर्जन को डेंगू की पुष्टि हुई है। हरिबंशराय च्च्चन विधि महाविद्यालय डीह के पूर्व प्राचार्य 40 वर्षीय रामकृष्ण यादव निवासी गजौली को कई दिनों से बुखार आ रहा था। हालत बिगड़ने पर परिजन उन्हें रीजेंसी ले गए जहां रक्त परीक्षण में डेंगू होने की पुष्टि हुई। शनिवार दोपहर उनकी मौत हो गई। इसी गांव की रहने वाली निर्मला की तीन वर्षीय बेटी रागिनी को कई दिनों तक बुखार आने के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां उसकी मौत हो गई। इसके अलावा तीन सगे भाई राजेश, गोरेलाल व अशोक, सतीश, पुतानी और विपिन का लखनऊ के अस्पतालों में इलाज चल रहा है। इनके परिजनों का भी कहना है कि निजी पैथालाजी से कराई जांच में डेंगू होने की पुष्टि हुई है। यही नहीं गांव के डेढ़ दर्जन से अधिक अन्य बुखार पीड़ितों में रमेश उसकी बेटी प्रियंका और रामशंकर की हालत गंभीर है।
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मुझे डेंगू से मौत की सूचना मिली है। अभी डेंगू की कोई अधिकृत रिपोर्ट नहीं आई है। गांव टीम भेजकर दवा का छिड़काव कर स्लाइड बनवा इलाज करवाया जाएगा।
डॉ. एके त्रिपाठी, संक्रामक रोग नियंत्रण प्रभारी
गांव में डेंगू की दहशत
ग्रामीणों ने बताया बुखार का प्रकोप एक पखवारा पहले शुरू हुआ था। उसके बाद से बुखार रोगी बढ़ते जा रहे हैं। दो मौतों से और दोनों रोगियों को निजी पैथालाजियों की जांच में डेंगू होने की पुष्टि होने से गांव के लोगों में दहशत है। गांव के लोगों ने बताया कि गांव के आधे से अधिक परिवारों में बुखार के रोगी हैं। बुखार रोगियों के दहशतजदा परिजन डेंगू की जांच कराने के लिए निजी पैथालाजियों की शरण में जाने को विवश हैं।
चुनाव ड्यूटी में हैं सीएमओ को बताओ
गजौली गांव बुखार से दो मौतें होने और दर्जनों बुखार रोगी होने से दहशत में रहे गांव के लोगों ने सूचना क्षेत्रीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिछिया के प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. पंकज को फोन कर गांव में बुखार फैले होने की सूचना दी। इस पर उन्होंने कहा कि सभी चुनाव ड्यूटी में गए हैं आप लोग सीएमओ को ही इसकी जानकारी दें। यहां उल्लेखनीय है कि जिला निर्वाचन अधिकारी ने सभी डाक्टरों को निर्वाचन ड्यूटी से मुक्त कर रखा गया है।
