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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 18, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

ठंड से एक और युवती की मौत

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Published: Thu, 18 Dec 2014 01:04 AM (IST)

उन्नाव, जागरण संवाददाता: शीतलहर थमने का नाम नहीं ले रही है। दिन में गुनगुनी धूप से लोगों को कुछ रा

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उन्नाव, जागरण संवाददाता: शीतलहर थमने का नाम नहीं ले रही है। दिन में गुनगुनी धूप से लोगों को कुछ राहत जरूर मिलती है, लेकिन शाम होते ही सर्द हवाओं के झोके इतनी ठिठुरन बढ़ा देते हैं कि लोग घरों में दुबकने को विवश हो जाते हैं। ठंड के चलते रोगियों की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। वहीं शीतलहर के चलते बीमार होकर अस्पताल पहुंचने वाले रोगियों की मौतों का सिलसिला भी थम नहीं रहा है। जिला अस्पताल में ठंड लगने के बाद पेट दर्द से पीड़ित होने के कारण भर्ती कराई गई एक युवती की बुधवार को दोपहर मौत हो गई।

शहर के मुहल्ला भूरी देवी निवासी रज्जनलाल की पुत्री रीता 20 वर्ष को ठंड लग गई। पिता और भाई उसका निजी तौर पर उपचार करा रहे थे। बुधवार को सुबह अचानक उसकी हालत बिगड़ गई। इसके बाद रीता को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां दोपहर बाद उसकी मौत हो गई। वहीं बुधवार को सुबह कोहरा कम पड़ा। दोपहर में गुनगुनी धूप भी निकली इससे लोगों को ठंड से कुछ राहत मिली लेकिन शाम होते ही कोहरा और ठंड बढ़ गई। इससे लोगों को एक बार फिर ठिठुरते लोग ठंड से बचाव के आग का सहारा ले घरों में बैठ गए। सबसे अधिक समस्या गरीबों और फुटपाथियों के सामने है उन्हें ठंड से बचाव के लिए आग भी नसीब नहीं है। वह कूड़ा करकट के ढेर को जला किसी तरह ठंड से बचाव कर रहे हैं। लेकिन कूड़ा करकट की आग के सहारे सर्द रात काटे नहीं कट रही हैं।

उधर, जिला संयुक्त चिकित्सालय में भर्ती रोगी और तीमारदारों के सामने ठंड से बचाव करना किसी जंग से कम नहीं है। तमाम रोगी जो आसपास के रहने वाले वह तो घरों से रजाई आदि मंगा ठंड से संघर्ष करने में कामयाब रहते हैं लेकिन दूरदराज ग्रामीण क्षेत्रों से आने वाले रोगियों को एक कंबल के सहारे ठिठुरते हुए रात गुजारनी पड़ रही है।