यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 16, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिमागी बुखार से युवती की मौत
उन्नाव, जागरण संवाददाता: हुद-हुद के असर से हुई बरसात ने मौसम का मिजाज बदल दिया। उसके साथ ही संक्रामक

उन्नाव, जागरण संवाददाता: हुद-हुद के असर से हुई बरसात ने मौसम का मिजाज बदल दिया। उसके साथ ही संक्रामक रोगों ने भी तेजी से पांव पसार दिए हैं। अस्पताल में वायरल बुखार, टाइफाइड, मलेरिया आदि के रोगियों की संख्या के आंकड़े इस बात के गवाह हैं कि मौसम परिवर्तन के बाद संक्रामक बीमारियों के रोगियों की संख्या में वृद्धि हुई। गुरुवार को दिमागी बुखार के बाद जिला अस्पताल में भर्ती कराई गई एक युवती की मौत हो गई जबकि बुखार पीड़ित एक दर्जन रोगियों का उपचार चल रहा है।
बांगरमऊ कोतवाली के गांव सैदापुर निवासी ओमप्रकाश की पत्नी निशा देबी 40 को कई दिनों से बुखार आ रहा था। बुधवार को उसे उपचार के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था। जहां गुरुवार को प्रात: उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। अस्पताल आंकड़ों के अनुसार गुजरे तीन दिन में बुखार के डेढ़ दर्जन रोगी जिला अस्पताल में भर्ती किए गए हैं। ओपीडी में सोमवार को रोगियों से लेकर गुरुवार तक बुखार और अन्य संक्रामक बीमारियों के 975 रोगी देखे गए हैं। डाक्टरों में डॉ. आलोक पाण्डेय, डॉ. जेपी बाजपेई, डॉ. आशीष सक्सेना, डॉ. शोभित का कहना है कि हुद हुद के असर से हुई बरसात के बाद वायरल बुखार और सीजनल बीमारियों के रोगियों का औसत एक सौ पर सत्तर का है।
कैसे करें बचाव
मौसम में परिवर्तन के साथ ही संक्रामक रोग तेजी के साथ बढ़ते हैं। इस लिए विशेष सावधान रहना चाहिए। डॉ. आलोक पाण्डेय ने बताया कि कूलर कतई न चलाएं। रात व सुबह फुल आस्तीन के कपड़े जरूर पहने। फ्रिज का ठंडा पानी न पिए। मच्छरों से बचाव के लिए मच्छर दानी का प्रयोग करें। उन्होंने कहा कि सामान्य बचाव और मामूली सावधानी बरत कर सीजनल बीमारियों से बचा जा सकता है।
