यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 07, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
एक और किशोरी ने बुखार से दम तोड़ा

उन्नाव, जागरण संवाददाता: बरसात के बाद एक बार फिर संक्रामक रोगों ने तेजी से पांव पसारा है। बुखार और डायरिया के रोगियों में वृद्धि हुई है। जिला अस्पताल में औसतन पांच रोगी तेज बुखार और 13 से 14 डायरिया रोगी प्रतिदिन भर्ती किए गए जा रहे हैं। जिला अस्पताल में भर्ती तेज बुखार से पीड़ित बालिका की बुधवार को देर रात मौत हो गई। गत दो माह के अंदर जिला अस्पताल में बुखार से 11 लोगों की जान चुकी है।
बुधवार से लेकर गुरुवार को मध्याह्न दो बजे तक जिला अस्पताल में डायरिया के 19 और तेज बुखार के 9 रोगी जिला अस्पताल में भर्ती कराए गए हैं। बुधवार को हालत बिगड़ने के बाद बुखार से पीड़ित अनसुईया (12) पुत्री शिवप्रताप निवासी शांतीपुर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। देर रात उसकी मौत हो गई। अन्य बुखार रोगियों का उपचार चल रहा है। फिजीशियन डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि बुखार को लोग बहुत हल्के में लेते हैं। पहले वह इधर उधर उपचार कराया करते हैं जब हालत नाजुक हो जाते हैं तब उन्हें जिला अस्पताल लाया जाता है। उन्होंने कहा कि देर से अस्पताल आने के कारण बुखार किस तरह का है इसकी जांच भी नहीं हो पाती हैं और रोगी दम तोड़ बैठता है। उन्होंने कहा कि जो रोगी समय से आ जाते हैं वह ठीक हो जाते है।
