यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 23, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बुखार से दो मासूम बच्चियों की मौत, छह भर्ती

उन्नाव, जागरण संवाददाता: मौसम में लगातार उतार चढ़ाव, मच्छरों की भरमार और गंदगी का साम्राज्य लगातार संक्रामक रोगों को बढ़ाने का काम कर रहा है। डायरिया और बुखार के रोगियों की अस्पतालों में भरमार है। बुखार से दो मासूम बच्चियों की मौत हो गई।
जिला अस्पताल में बीते चौबीस घंटे के अंदर बुखार के आठ और डायरिया के 19 रोगी भर्ती कराए गए। बुखार रोगियों में थाना माखी के गांव धौकलखेड़ा निवासी रामभजन ने अपनी तीन वर्षीय पुत्री मोहनी को तेज बुखार आने के बाद रविवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। सोमवार को भोर पहर उसकी मौत हो गई। इसी तरह शहर कोतवाली के गांव शिवदीन खेड़ा निवासी रामचंद्र ने दो वर्षीय पुत्री सोनम को लगातार बुखार आने के बाद हालत बिगड़ने पर रविवार देर रात जिला अस्पताल लेकर आया। यहां प्राथमिक उपचार के दौरान ही उसकी मौत हो गई।
जिला अस्पताल में बुखार और डायरिया के रोगियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। ओपीडी में भी जुकाम, बुखार, मलेरिया, टायफाइड आदि रोगों से पीड़ित रोगी ही आ रहे हैं। वरिष्ठ परामर्शदाता फिजीशियन डॉ. एके पाण्डेय, फिजीशियन डॉ. जेपी बाजपेई ने बताया कि औसतन डेढ़ सौ मरीज प्रतिदिन देख रहा हूं इनमें एक सैकड़ा से अधिक मरीज संक्रमण के शिकार होते हैं।
