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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 18, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

वायरल बुखार से महिला की मौत

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Published: Wed, 18 Jun 2014 01:05 AM (IST)

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उन्नाव, जागरण संवाददाता: गर्मी के साथ ही संक्रामक रोग भी तेजी से बढ़ रहे हैं। डायरिया के साथ ही मलेरिया और तेज बुखार के रोगियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। जिला अस्पताल में मंगलवार को डायरिया और बुखार के 28 रोगी भर्ती कराए गए हैं। इनमें से बुखार पीड़ित एक महिला की मौत हो गई।

अचलगंज थाना क्षेत्र के गांव करौंदी निवासी रामेश्वर की पत्‍‌नी शकुंतला (45) को कई दिनों से तेज बुखार आ रहा था। मंगलवार को सुबह उसकी हालत बिगड़ी परिजनों ने भोर पहर उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया। जहां एक घंटे बाद ही उसकी मौत हो गई। मंगलवार को जिला अस्पताल में बुखार और डायरिया के 28 रोगी भर्ती कराए गए इनमें 6 रोगी बुखार के हैं। डायरिया रोगियों की तो बाढ़ सी आई है। इनमें पीएचसी और सीएचसी से रिफर डायरिया रोगी भी शामिल हैं।

सबसे खास बात यह है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से उन डायरिया रोगियों को भी रिफर कर दिया जाता है जिनका इलाज वहीं संभव है। इससे जिला अस्पताल में रोगियों की संख्या बढ़ती है जिससे बेडों का टोटा बना है। हालत यह है एक बेड पर दो-दो बच्चों को भर्ती किया जा रहा है।

क्या कहते हैं डाक्टर

जिला अस्पताल के फिजीशियन डॉ. आलोक पण्डे ने बताया कि पिछले चार दिनों 146 बुखार के रोगियों का रक्त परीक्षण कराया है इनमें 89 मलेरिया और 23 टायफाइड के रोगी मिले हैं। उन्होंने कहा कि मलेरिया मच्छरों के कारण तथा टायफाइड गंदगी और प्रदूषित पानी के कारण फैल रहा है। उन्होंने नागरिकों को सलाह दी कि वह पानी उबाल कर ठंडा करने के बाद पिए तथा मच्छरों से बचाव करें। डाक्टर पाण्डे के अनुसार डायरिया भी शुद्ध पानी न मिलने और प्रदूषित खाद्य सामग्री के प्रयोग से होता है।