यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बुखार से बच्ची की मौत

उन्नाव, जागरण संवाददाता: गर्मी ने लोगों को बेहाल कर रखा है। इसके साथ ही संक्रामक रोगों का कहर भी बढ़ता जा रहा है। डायरिया के रोगियों की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही है। सरकारी हो या गैर सरकारी अस्पताल सभी में डायरिया रोगियों की भीड़ है। जिला अस्प्ताल में डायरिया के रोगी बढ़ने से बेड कम पड़ रहे हैं इससे एक-एक बेड पर दो-दो बच्चे भर्ती किए जा रहे हैं। सफीपुर क्षेत्र में बुखार से पीड़ित एक बच्ची की मौत हो गई। सबसे खास बात यह है कि ग्रामीण क्षेत्र के अस्पतालों में डायरिया रोगियों का भी उपचार नहीं किया जाता हालत नाजुक बता उन्हें जिला अस्पताल भेजा जा रहा है।
सफीपुर निवासी रामशंकर की चार वर्षीय बेटी रोहिनी को कई दिनों से बुखार आ रहा था। शरीर में लाल दाने देख घर वालों को चेचक होने की आशंका हुई इस पर वह उसे अस्पताल लाए जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। डायरिया रोगियों का आलम यह है कि जिला अस्पताल में मंगलवार को डायरिया के 27 रोगी अस्पताल में भर्ती किए गए। ईएमओ डॉ. आशीष सक्सेना ने कहा गा्रमीण क्षेत्र के अस्पतालों से डायरिया के सामान्य रोगियों को भी जिला अस्पताल भेजा जा रहा है इससे बेड की समस्या
