यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 02, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
डायरिया से एक की मौत, 24 भर्ती

उन्नाव, जागरण संवाददाता: पारा लगातार बढ़ता जा रहा है। बदन झुलसा देने वाली गर्मी ने लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर कर रखा है। संक्रामक रोग तेजी से बढ़ रहे हैं। वायरल बुखार और डायरिया के रोगियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। चौबीस घंटे के अंदर जिला अस्पताल में दो दर्जन डायरिया रोगी भर्ती कराए गए इससे बेड कम पड़ गए। एक-एक बेड पर दो बच्चों को लिटा कर इलाज किया जा रहा है।
पारा लगातार ऊपर चढ़ता जा रहा है। घरों से बाहर निकलने वाले लोग तपिश से बीमार हो रहे हैं। सबसे अधिक डायरिया हों रहा है। सरकारी हो या फिर निजी अस्पताल सभी में वायरल बुखार और डायरिया के रोगियों की भरमार है। बीते चौबीस घटे के अंदर जिला अस्पताल में डायरिया के दो दर्जन रोगी भर्ती कराए गए। भर्ती रोगियों में रामप्रकाश (50) पुत्र स्व. सुंदरलाल निवासी अकरमपुर की मौत हो गई। डायरिया और बुखार के रोगियों की भरमार का आलम यह है कि एक-एक बेड पर दो-दो रोगी लिटाने पड़ रहे हैं। सलोनी (6 माह) पुत्री विमलेश निवासी देवारा गंगाघाट व प्रियांशू (7 माह) पुत्र आनंद निवासी शेखपुर एक बेड पर लेटे थे। करन (1 वर्ष) पुत्र मतलूम निवासी मैकुआखेड़ा कोतवाली शहर व आमिर (5) पुत्र मतलूम कायमपुर चमियानी एक बेड पर लेटे थे। सीएमएस डॉ. एके चतुर्वेदी ने कहा कि बेड नहीं खाली होने पर एक साथ बच्चों को लिटाकर इलाज किया जा रहा है ताकि उन्हें वापस न होना पड़े।
हीट स्ट्रोक का खतरा बढ़ा
जिला अस्पताल के फिजिशियन डॉ.क्टर जेपी बाजपेई ने बताया कि धूप से बचाव करना बहुत जरूरी है वर्ना हीट स्ट्रोक हो सकता है इसमें जान भी जा सकती है। उन्होंने बताया पानी खूब पिए और जब धूप में निकले तो सिर पर तौलिया आदि डालकर ही निकले।
गर्मी से क्या हैं खतरे
-गर्मी में हृदय रोगियों को विशेष सावधान रहना चाहिए। उन्हें बहुत जल्दी अटैक पड़ सकता है।
-बच्चों को धूप में न निकलने दे वर्ना उन्हें लू और डायरिया हो जाएगा।
-एसी या कूलर से निकल कर सीधे धूप में आने से चक्कर आ सकता है।
कैसे करें बचाव
जिला अस्पताल के वरिष्ठ परामर्शदाता फिजिशियन डॉ. अलोक पाण्डे ने कहा कि गर्मी में विशेष सावधान रहने की आवश्यकता है। उन्होंने बचाव के तरीके भी बताए हैं।
-घूप में निकलने से पहले कसकर पानी पी लें।
-तेज धूप से आने के बाद तत्काल पानी न पिए और न ही सीधे एसी या कूलर के सामने खड़े हों।
-पूरी आस्तीन के कपड़े पहने सिर पर तौलिया या कैप आदि लगाकर ही निकले।
-छोटे बच्चों को धूप में लेकर न निकलें अगर निकलना पड़ा तो तौलिया से ढक कर रखे।
-बच्चों को दूध पिलाने से पहले बोतल को खौलते पानी में उबाल लें।
- हृदय रोगी धूप में न निकलें, डायबिटीज के रोगी धूप में निकलने पर विशेष सावधान रहें।
-डायरिया होने पर ओआरएस का घोल लेना शुरु कर अस्पताल जाएं।
-धूप में रखे फल, कटे फल या खुले में रखी मिठाइयों का सेवन न करे।
