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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 04, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तेज बुखार ने ली तीन की जान

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Published: Fri, 04 Apr 2014 08:46 PM (GMT+05:30)

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उन्नाव, जागरण संवाददाता: संक्रामक रोगों का प्रकोप थम नहीं रहा है। जिला अस्पताल में बढ़ रही रोगियों की संख्या इसका प्रमाण है। डायरिया और तेज बुखार के औसतन एक दर्जन रोगी प्रतिदिन जिला अस्पताल में भर्ती कराए जा रहे हैं। जिला अस्पताल में भर्ती तेज बुखार के तीन रोगियों की शुक्रवार को मौत हो गई।

तेज बुखार होने के बाद रीनादेवी (10) पुत्री राजकिशोर बिहार, शिवा (10 माह) पुत्र बब्लू दोस्तीनगर, अजय (20) पुत्र सुंदर नौरंगाबाद, सुनीता (28) पत्‍‌नी मेदलाल, तना (22) बुधवारी, शाहिबा (7) पुत्री मुशीर अनवार नगर को परिवार के लोगों ने जिला अस्पताल में भर्ती कराया था जहां शुक्रवार को तना (20), शाहिबा (7) और जमालुद्दीन (60) निवासी अजगैन की मौत हो गई।

संक्रामक रोगों का कहर इस कदर है कि इस माह के गुजरे चार दिनों में डायरिया और बुखार के 42 रोगी जिला अस्पताल में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। औसतन हर दिन एक मौत हो रही है। आठ दिनों के अंदर तेज बुखार से आठ लोग जान गंवा चुके हैं। फिजीशियन डॉ. आलोक पाण्डे ने बताया कि अधिकांश मौते हाईपर पायरेसिया से हो रही हैं। उन्होंने कहा कि बुखार को सामान्य समझ कर लोग इधर उधर भटका करते हैं जब हालत बिगड़ जाती है तब अस्पताल लाते हैं। उन्होंने कहा कि बुखार को साधारण न समझे सरकारी अस्पताल के चिकित्सक को दिखाकर इलाज कराए।

संक्रामक रोग नियंत्रण कक्ष में चौबीस घटे मिलेंगे डाक्टर

उन्नाव: मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. ताराचंद्र ने बताया कि संक्रामक रोगों के प्रकोप को देखते हुए संक्रामक रोग नियंत्रण कक्षा में चौबीस घंटे डाक्टरों की टीम को लगाया गया है। उन्होंने बताया कि नियंत्रण कक्ष में तीन डॉक्टरों को लगाया गया है जो बारी-बारी से ड्यूटी करेंगे। कहीं से भी संक्रामक रोग फैलने की सूचना मिलने नियंत्रण कक्ष की टीम उस गांव क्षेत्र में पहुंच कर प्राथमिक उपचार करेगी।