यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बुखार से युवक और युवती की मौत

उन्नाव, नगर संवाददाता : शीतलहर शुरू होने के बाद बुखार ने एक बार फिर अपना शिकंजा कसा है। चार दिनों से लगातार बुखार के रोगियों की संख्या में वृद्धि हो रही है। जिला अस्पताल में भर्ती बुखार रोगियों में एक युवक और एक युवती की मौत हो गई।
अजगैन थाना क्षेत्र के गांव बिचपरी निवासी गंगाराम के बीस वर्षीय पुत्र जितेंद्र को कई दिनों से बुखार आ रहा था। उसे बीती 30 दिसंबर को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया जहां गुरुवार को प्रात: उसकी मौत हो गई। इसी कड़ी में प्रसव के बाद बुखार आने के चलते आशा देवी (30) पत्नी उदयभान निवासी रसूलपुर मौरावां को कुछ दिन पहले बच्चा हुआ। प्रसव के दौरान इंफेक्शन होने के कारण उसे बुखार आने लगा। हालत बिगड़ने पर 27 दिसंबर को उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। बुधवार को देर रात आशा देवी की मौत हो गई। पिछले एक सप्ताह के अंदर जिला अस्पताल में बुखार से पांच मौतें हो चुकी हैं।
ऐसे हो रही जननी सुरक्षा
उन्नाव: एक तरफ मातृ मृत्युदर गिराने के लिए जननी सुरक्षा योजना पर करोड़ों रुपये खर्च किए जा रहे हैं। लेकिन इसके बाद डॉक्टरों की संवेदनशीलता नहीं जाग रही है। आशा देवी इसका ताजा उदाहरण है। प्रसव के दौरान उसे इंफेक्शन हुआ पर डॉक्टरों ने इलाज करना मुनासिब नहीं समझा। प्रसव के तीसरे दिन उसे घर भेज दिया गया। पति ने बताया प्रसव के बाद से आशा को बुखार आ रहा था। मौरावां सीएचसी ले गया वहां समुचित उपचार नहीं किया गया। हालत बिगड़ने पर जिला अस्पताल में लाकर भर्ती कराया जहां उसकी मौत हो गई। प्रसव के बाद लापरवाही के चलते होने वाली मौतों की कड़ी में यह कोई पहली मौत नहीं है इसके पूर्व भी कई महिलाएं जान चुकी हैं।
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