यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jul 26, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दो दर्जन डायरिया की चपेट में, मासूम की मौत

जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर : भनवापुर विकास खंड अन्तर्गत ग्राम भरवठिया मुस्तहकम में डायरिया रोग ने पैर पसार लिया है। अब तक दो दर्जन लोग इसकी चपेट में हैं, जबकि एक चार वर्षीय मासूम कृष्णा पुत्र सुंदर की मौत हो चुकी है। बीमारी फैलने से गांव समेत आसपास के इलाके में दहशत व्याप्त हो गई है। स्वास्थ्य विभाग बीमारी की रोकथाम करने में गंभीर रूख नहीं अपना रहा है।
उक्त गांव में तीन दिन पहले डायरिया बीमारी फैल गई। एक के बाद एक करीब दो दर्जन लोग रोग से पीड़ित बताये गए। कृष्णा (4 वर्ष) पुत्र सुंदर भी तीन दिन पहले इसकी चपेट में आया। उल्टी-दस्त से तबीयत बिगड़ी तो घर के वाले उसे लेकर पीएचसी डुमरियागंज आए, जहां नाजुक स्थित में डाक्टर ने बेवा सीएचसी बेवां भेज दिया। वहां भी हालत में सुधार न होता देख चिकित्सक ने जिला चिकित्सालय बस्ती फिर वहां से मेडिकल कालेज गोरखपुर के लिए रेफर किया गया। गोरखपुर में शुक्रवार की सायं मासूम की इलाज के दौरान मौत हो गई।
इधर गांव में बीमारी से कुमारी रजनी (9 वर्ष) पुत्री लल्ला प्रसाद, राजन (11 वर्ष) पुत्र लल्ला प्रसाद, रेशमा (37 वर्ष), सुमन (12 वर्ष), सोना देवी (45 वर्ष), किरन (7 वर्ष), रागनी (8 वर्ष), सियाराम (49 वर्ष), धानपाती (70 वर्ष)पत्नी राम लाल, राम लखन (75 वर्ष), लल्ला (38 वर्ष), सरोजनी (9 वर्ष) पुत्री ओम प्रकाश, धनई (40 वर्ष) पुत्र संतोषी, शिवा (7 वर्ष) पुत्र धनई, नीरज (2 वर्ष) पुत्र दिलीप, सूरज (12 वर्ष), सुंदरी (8 वर्ष) समेत दो दर्जन से ऊपर लोग रोग से पीड़ित बताये जा रहे हैं। जिसमें अधिकांश मासूम व बच्चे शामिल हैं। बीमारी फैलने के बाद स्वास्थ्य विभाग व प्रशासनिक अधिकारियों ने कोई संज्ञान नहीं लिया है।
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बीमारी फैलने की सूचना मिली है। गांव में टीम भेजी गई है, टीम वहां कैम्प भी करेगी। स्वास्थ्य विभाग अपनी ओर से हर एहतियाती कदम उठा रहा है।
शैलेन्द्र मणि ओझा,
प्रभारी चिकित्साधिकारी - पीएचसी, भनवापुर
