यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 28, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
गम्बूसिया मछली करेगी मच्छरों का सफाया

जागरण संवाददाता, सिद्धार्थनगर : इंसेफेलाइटिस प्रभावित जिले में अब जेई एवं डेंगू के संवाहक मच्छरों का सफाया हो जायेगा। इसमें मददगार मत्स्य विभाग द्वारा उपलब्ध कराये गये गम्बूसिया मछली बनेगी।
यह बातें सपा के जिला महासचिव व नपा अध्यक्ष मो. जमील सिद्दीकी ने कहीं। वह शनिवार को नपा क्षेत्र के हाइडिल के सटे अशोक मार्ग स्थिति तालाब में थैले से गम्बूसिया मछली के बच्चों को छोड़कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। तत्पश्चात आयोजित भीड़ को संबोधित कर रही थे। उन्होंने बताया कि क्षेत्र के 33 तालाबों में और मछली को डाला जायेगा। जिससे नवकी बीमारी यहां पर न फैलने पाये। भोपाल से मंगाई गयी यह मछली से जेई व डेंगू के संवाहकों की संख्या में कमी आने की संभावना बढ़ी है। यह मछली जेई के वाहक मच्छरों के लारवा को अपना आहार बनाएगी जिससे उक्त बीमारी के संवाहक मच्छरों में कमी आयेगी तथा नवकी बीमारी इंसेफेलाइटिस पर रोक लगेगी। उन्होंने बताया कि यह मछली एक वर्ष में एक हजार बच्चों को जन्म देगी। दो इंच लम्बी मछली चार वर्षो तक जिन्दा रहेगी। इस दौरान रमजान अली, सोनू सिंह, रितेष श्रीवास्तव आदि तमाम लोग मौजूद रहे।
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