यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 11, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बुखार से तीन की मौत, 16 बच्चे बीमार

श्रावस्ती : तराई में दिमागी बुखार जानलेवा बन गया है। सोमवार को इलाज के दौरान तीन लोगों की मौत हो गई जबकि 16 बच्चे बीमार चल रहे हैं। प्रभावित गांव में स्वास्थ्य महकमे की टीम नहीं पहुंची है। पीड़ित नीम हकीम के सहारे अपना इलाज करा रहे हैं।
थाना सोनवा क्षेत्र के कसियापुर गांव में दिमागी बुखार की चपेट में आकर स्वती डेढ़ वर्ष पुत्री अवधेश कुमार, लक्ष्मननगर की सुनीता देवी (40) पत्नी राम मनोहर व भिनगा नगर की तारा देवी (50) पत्नी पुत्ते को इलाज के लिए बहराइच जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान इन लोगों की मौत हो गई जबकि सेहनिया गांव में संदिग्ध दिमागी बुखार का कहर जारी है। इसकी चपेट में आकर अजय (13) पुत्र अरुण कुमार पांडेय, सलोनी (9) पुत्री अरुण कुमार पांडेय, अभय (10) पुत्र यशवंत कुमार पांडेय, वंदना (16), अर्चना (13), रिंकी (8), अल्पना (10) पुत्रीगण अशोक कुमार, काली (7) पुत्री बिंद्रा, भानुप्रताप (10) पुत्र शिवपाल, विभा (7) पुत्री शिवपाल समेत 16 बच्चे बीमार चल रहे हैं। गांव में फैले बुखार से स्वास्थ्य विभाग अंजान बना है। अरुण पांडेय बताते हैं कि गांव में एएनएम व अन्य स्वास्थ्य कार्यकर्ता कभी नहीं आते हैं। सफाई व्यवस्था की हालत भी ठीक नहीं है। चार दिनों से बच्चे बुखार से तप रहे हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग बेखबर बना है जबकि ग्रामीणों का कहना है कि इसकी सूचना विभाग को दी गई है। गांव संक्रामक बीमारी फैलने का कारण प्रदूषित पानी और गंदगी बताई जाती है। स्वास्थ्य महकमे के अधिकारी भी इसकी पुष्टि करते हैं। बावजूद इस सबके न तो स्वास्थ्य महकमा चेतने को तैयार है और न ही प्रशासन। सीएमओ डॉ. आरपी गुप्ता से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने इन मौतों से अनभिज्ञता जाहिर की। उन्होंने कहा कि गांव में इलाज के लिए स्वास्थ्य टीम भेजी जा रही है।
