यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 25, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
इलाज के दौरान लापरवाही से नवजात की मौत

श्रावस्ती: गुरुवार की रात इलाज के दौरान लापरवाही बरतने से गिलौला सीएचसी में एक शिशु की मौत हो गई। परिवारीजनों ने चिकित्सकों पर समय से इलाज न करने का आरोप लगाया है। परिवारीजनों का आरोप है कि इलाज के दौरान धन की मांग की गई थी। पूरी धनराशि न दे पाने के कारण इलाज नहीं किया गया।
गिलौला थाना क्षेत्र कल्याणचक दूबकला गांव की निवासी प्रसूता ठाकुरी पत्नी रमेश को प्रसव के लिए एंबुलेंस से अस्पताल परिवारीजन ले जा रहे थे। रास्ते में ही एंबुलेंस में बच्चे ने जन्म ले लिया। प्रसूता की सास फूलमती और ससुर प्रहलाद का आरोप है कि रात करीब नौ बजे अस्पताल पहुंचने पर वहां मौजूद महिला स्वास्थ्य कर्मी ने सात सौ रुपये की मांग की। इस पर तीन सौ रुपये उसे दिया गया फिर भी इलाज करने को तैयार नहीं हुई। काफी अनुनय विनय के बाद बच्चे को दवा आदि दिया गया। समय से उपचार न होने से शिशु की मौत हो गई। इस दौरान अस्पताल में कोई चिकित्सक मौजूद नहीं था। सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक यादव का कहना है कि इलाज के दौरान लापरवाही नहीं बरती गई है। शिशु का वजन कम होने के कारण उसकी मौत हो गई। पैसे की मांग नहीं की गई होगी।
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