यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 03, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
दिमागी बुखार से बालक की मौत

श्रावस्ती : क्षेत्र में संक्रामक बीमारियों का कहर थम नहीं रहा है। संचारी रोगों से निपटने के लिए स्वास्थ्य विभाग हवा में तलवार भांज रहा है। गिलौला ब्लॉक क्षेत्र के कुम्हारनपुरवा गांव में एक 10 वर्षीय बालक की दिमागी बुखार से मौत हो गई।
सोनवा थाना क्षेत्र के कुम्हारनपुरवा गांव निवासी सुनील (10)पुत्र ननके दिमागी बुखार की चपेट में आकर बीमार चल रहे थे। गंभीर होने पर परिवारीजन उन्हें इलाज के लिए बहराइच जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया। इलाज के दौरान गुरुवार की देर शाम सुनील की हालत काफी गंभीर हो गई। हालत गंभीर होते देख चिकित्सकों ने उसे लखनऊ उपचार के लिए रेफर कर दिया। परिवारीजन इलाज के लिए उसे लखनऊ ले जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। इससे पहले क्षेत्र के कटार गांव में संदिग्ध दिमागी बुखार से दस वर्षीय अंकित पुत्र फकीरे की भी उपचार के दौरान मौत हो गई थी। वैसे तो संक्रामक बीमारियों से बचाव के लिए स्वास्थ्य विभाग की ओर से तमाम दावे किए जा रहे हैं लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में फैले बुखार, पीलिया, मलेरिया आदि बीमारियां स्वास्थ्य महकमे के एक्शन प्लान की पोल खोलने के लिए काफी हैं। गांव में कई दिनों तक बुखार से लोग तपते रहते हैं लेकिन स्वास्थ्य विभाग इनसे अंजान बना रहता है।
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