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यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 07, 2013 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

तराई में ठंड बनी जानलेवा, दो की मौत

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Published: Mon, 07 Jan 2013 03:11 AM (IST)Updated: Mon, 07 Jan 2013 10:27 AM (IST)

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जागरण कार्यालय, श्रावस्ती : तराई के इस जिले का पारा दिन प्रतिदिन घटता ही जा रहा है। गलन व ठिठुरन से आम आदमी बेहाल है। वहीं यह ठंड गरीबों के लिए जानलेवा साबित हो रही है। जिले में ठंड से दो और जानें जा चुकी हैं। इसके बाद भी प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है।

जिले में चार दिनों से पड़ रही गलन भरी ठंड ने लोगों को घरों में दुबकने को विवश कर दिया है। दिन भर छायी धुंध व बदली से लोग बेहाल हैं। वहीं ठंड की चपेट में आने से गिलौला कस्बा निवासी श्रीपाल(60) पुत्र बेचन की ठंड की चपेट में आने से शनिवार को मौत हो गई। वहीं भिनगा तहसील के नथुनिया मोड़ निवासी खोदाई (45) पुत्र इमाम अली को अचानक ठंड लग गई जब तक परिवार के लोग कुछ समझ पाते उसकी मौत हो गई। वहीं लगातार हो रही मौतों से प्रशासन बेपरवाह बना हुआ है। जिले में पर्याप्त जगहों पर अलाव की व्यवस्था न होने से पड़ रही ठंड गरीबों पर भारी पड़ रही है जबकि अलाव जलवाने की मांग लोगों की ओर से ठंड शुरू होते ही शुरू कर दी थी। इसके बाद भी प्रशासन इससे बेपरवाह बना हुआ है। प्रशासन की ओर से गरीबों को वितरित किए गए कंबल व अलाव ऊंट के मुंह में जीरा साबित हो रहा है। जिले के ग्रामीणों व नगरीय क्षेत्रों में एक आध स्थानों को छोड़ दिया जाए तो कहीं भी अलाव की व्यवस्था नहीं कराई गई है।

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आखिर कब जली अलाव

श्रावस्ती : विकास क्षेत्र हरिहरपुर रानी के बेलहा बाबा कुटी पर अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है। इससे इस चौराहे पर आने वाले श्रद्धालुओं को इस भीषण ठंड में कांपते हुए देखा जा रहा है। यहां बाबा फरहरी दास ने कहा कि बबुआ का जाड़ा समाप्त होय जाई तो अलाव जली। इस चौराहे पर अलाव जलाने की मांग कई बार की जा चुकी है। इसके बाद भी अलाव की कोई व्यवस्था नहीं हो सकी है।

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जंगल से भी लौट रहे गरीब

श्रावस्ती : जिले में पड़ रही भीषण ठंड से बचने के लिए लोग जंगलों से लकड़ी बीनने के लिए जाते हैं लेकिन वन विभाग इन गरीबों को खदेड़ रहा है। इससे मायूस गरीब बिना लकड़ी लिए ही घर वापस लौटने को विवश हैं। गरीबों को कहना है कि जहां एक ओर वन माफिया वनों को वीरान कर रहे हैं वहीं हम लोगों को अलाव के लिए भी लकड़ी बीनने भी नहीं दिया जा रहा है।

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