यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 20, 2017 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बच्चों की मौत पर जिला अस्पताल में हंगामा, जाम लगाया
जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर: जिला अस्पताल में शुक्रवार को बुखार से पीड़ित दो बच्चों की मौत

जागरण संवाददाता, शाहजहांपुर: जिला अस्पताल में शुक्रवार को बुखार से पीड़ित दो बच्चों की मौत हो गई। बच्चों के परिजनों से अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। एक बच्चे के परिजनों ने जिला अस्पताल के सामने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों बच्चों के परिवार वालों समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नहीं माने। करीब 15 मिनट तक रोड पर हंगामा होता रहा। बाद में लोगों के समझाने के बाद मामला शांत हुआ।
चौक कोतवाली क्षेत्र के मुहल्ला बंगश निवासी मो.जाहिद अली की छह वर्षीय बेटी इकरा की शनिवार की सुबह करीब सात बजे बुखार आ गया। वह बच्ची को लेकर मुहल्ले के एक डॉक्टर के पास गए। डॉक्टर ने उसकी हालत गंभीर देखकर उसे जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी। करीब दस बज जाहिद बच्ची को लेकर जिला अस्पताल इमरजेंसी पहुंचे। डॉक्टरों ने उसे बच्चा वार्ड में भर्ती कर लिया। बच्चे के ड्रिप लगाकर दवाई दे दी गई। दिन में करीब दो बजे इकरा की हालत बिगड़ी गई। डॉक्टरों की टीम वार्ड में पहुंची और बच्ची आक्सीजन और जरूरी इंजेक्शन लगाए, लेकिन कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। इकरा के परिजनों का आरोप था कि उसके भर्ती होने के बाद कोई डॉक्टर उसे देखने नहीं आया, सिर्फ ड्रिप लगा दी गई। डॉक्टरों से कई बार संपर्क किया गया, लेकिन उसे बच्चे को कोई देखने नहीं आया। बच्ची की मौत के बाद डॉक्टरों ने आक्सीजन और इंजेक्शन लगाने का ड्रामा किया। आक्रोशित परिजनों ने बच्चा वार्ड के अंदर हंगामा शुरू कर दिया। इसके बाद मृतक के परिजन मामले में की शिकायत करने सीएमएस डॉ.केशव स्वामी के चैंबर में पहुंचे। यहां शिकायत करने पर उन्हें कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इससे वह और आक्रोशित हो गए। सूचना पर सीओ सिटी मजिस्ट्रेट, एसडीएम सदर कोतवाली पुलिस के साथ मौके पर पहुंच गए। मृतका के परिजन लगातार अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगा रहे थे। अधिकारियों ने मृतक के परिजनों को काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह शांत नहीं हुए। अधिकारियों ने बच्चे के शव का पोस्टमार्टम कराने की बात कही, लेकिन मृतक परिजन तैयार नहीं हुए। मृतक के परिजन बच्चे का शव रखकर रोड जाम करने की कोशिश करने लगे, लेकिन एक बार पुलिस ने उन्हें रोक लिया। इसी बीच कुछ लोगों नेतागिरी शुरू कर दी। करीब पांच बजे दोबारा मृतक के परिजनों से अस्पताल गेट के सामने सड़क पर शव रखकर जाम लगा दिया। पुलिस प्रशासन के अधिकारी लगातार उन्हें समझाने का प्रयास करते रहे, लेकिन वह शांत नहीं हुए। इसी बीच ¨हदु युवा वाहिनी के पदाधिकारी स्वप्निल शर्मा ने मृतक के परिवार वालों को समझाकर जाम खुलवाया। सिटी मजिस्ट्रेट विनय प्रकाश श्रीवास्तव ने मामले में जांच कमेटी गठित कर तीन दिन में जांच के आदेश दिए हैं।
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फोटो 18 एसएचएन 24
केस दो- थाना सेहरामऊ दक्षिणी क्षेत्र के गांव अली हसनपुर निवासी सर्वजीत के नौ माह के बच्चे अंकित की शुक्रवार को तबीयत खराब होने पर दोपहर करीब दो बजे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था। अस्पताल में इलाज के बाद भी उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हो रहा था। गुरुवार की दोपहर करीब साढ़े तीन बजे अंकित ने दम तोड़ दिया। अंकित की मौत के बाद अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया। अंकित के परिजन भी आक्रोशि होने लगे, लेकिन पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने बच्चे के परिवार वालों को शांत कर दिया। अंकित के परिवार वाले शव का पोस्टमार्टम कराने को तैयार हो गए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। डॉक्टरों के मुताबिक अंकित की मौत भी बुखार से हुई है।
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वर्जन -
बच्चों की मौत से परिवार वाले आक्रोशित हो गए थे। मामले की जांच के लिए टीम गठित की गई। बच्चों को परिवार वालों को समझाकर शांत कर दिया गया है।
- सुमित शुक्ला, सीओ सिटी
