यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 03, 2014 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
बेहट क्षेत्र में बुखार का कहर जारी, दो और की मौत

बेहट (सहारनपुर) : क्षेत्र में बुखार से होने वाली मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। गांव पथरवा में बुखार से एक और मौत हो गई। चार दिन में यह दूसरी मौत है। ग्रामीणों का आरोप है कि गांव में स्वास्थ्य टीम आई थी, लेकिन चिकित्सकों ने कार से पांव नीचे तक नहीं रखा। जिसके चलते ग्रामीणों में स्वास्थ्य विभाग के प्रति रोष व्याप्त है। उधर, कस्बे में भी एक बुखार पीड़ित महिला ने दम तोड़ दिया।
गौरतलब है कि क्षेत्र में बुखार से मरने वालों की संख्या एक सप्ताह में आधा दर्जन हो चुकी है। जिनमें नौगांवा, मिर्जापुर, बादशाहीबाग, पथरवा व पाजराणा के महिला-पुरुष व बच्चे शामिल हैं। लोहिया ग्राम पथरवा में लोगों को वायरल, टाइफाइड व मलेरिया ने बुरी तरह से जकड़ रखा है। रविवार को जहां पूजा(20) पुत्री रामशरण की बुखार से मौत हो गई थी। वहीं मंगलवार की रात दिल्ली के अस्पताल में उपचार के दौरान अनवरी(40) पत्नी ताहिर की भी मौत हो गई। जबकि कस्बे के मौहल्ला सड़कपार में राव तुफैल की विवाहित पुत्री रेशमा(30) की भी बुधवार से सुबह सहारनपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके अलावा इस बीमारी की चपेट में अकेले पथरवा में ही रहनुमा पुत्री मसरूर, रहमान पुत्र शरीफ, प्रवीन पुत्र ओमप्रकाश, सुरेशो पत्नी ओमप्रकाश, रामशरण पुत्र हुकम सिंह, दीपा पुत्री रामशरण, जूली पुत्री रघुनाथ, निकिता पुत्री पवन गुप्ता के अलावा सूरज, रितेश, सौरभ, वेदपाल व अजय आदि लोग हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि सीएमओ के निर्देश पर मंगलवार को गांव में स्वास्थ्य विभाग की टीम आई थी। लेकिन टीम में शामिल चिकित्सकों ने कार से पांव तक नीचे नहीं रखा और रोगियों का हाल जाने बिना ही पाजराणा गांव की ओर निकल गए। आरोप यह भी है कि गांव मे चार दिन में ही बुखार से दो मौतें हो चुकी हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की इस लापरवाही के बारे में जिलाधिकारी से शिकायत करने की बात कही है।
